web design kya hai in hindi और इसे कैसे सीखे?

web design kya hai in hindi

 क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये सभी वेबसाइट बनते कैसे होंगे, आखिर कौन इन वेबसाइट को बनाता होगा, बड़े बड़े webpages कैसे बनते होंगे, क्या web designer जैसा भी कोई पोस्ट होता है, यदि आप नहीं जानते तो यह लेख web design kya hota hai ? यह आपके लिए सहायक हो सकती है क्योंकि इस लेख के माध्यम से हम web designing के बारे में जानकारी लेंगे और यह भी जानेंगे कि web designing कैसे सीख सकते है साथ ही web designing से सम्बंधित और जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी।

हालाँकि web designing कोई आसान चीज नहीं है, क्योंकि काफी मेहनत करने पर ही इस कार्य को किया जा सकता है। वर्तमान समय में ₹118000 – 650000 ₹ वार्षिक के दर से इस पद पर कोई कार्य कर सकता है, हालंकि freelancing के माध्यम से होने वाली कमाई को इसमें नहीं जोड़ा गया है।

अर्थात इससे और अधिक मात्रा में कमाई किया जा सकता है। उच्च payment के साथ ही इस कार्य को करने के लिए दक्षता की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। यह दक्षता पाने के लिए कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इन सभी चीजों को हमने इस लेख में cover किया है अतः आइए सबसे पहले जानते है कि ये web design kya hai?

web designing कुछ और नहीं बल्कि जो अभी आप देख रहे है, वही होता है। अर्थात web designing में किसी भी प्रकार के webpage, layout, theme, content बनाना और ग्राफ़िक डिज़ाइन करना ये सब शामिल होता है।

दूसरे शब्दों में अपने लिए website का निर्माण करना और उनमे कंटेंट डालना आदि को ही web designing कहा जाता है। हम देखते है कि web designing में हम किसी न किसी प्रकार से web को develop कर रहे है और यही कारण है कि web designing को web development process भी कहा जाता है।

 अब web design kya hai यह जानने के बाद आइये समझते है कि web डेसिगनेर कैसे बनते है ?

web designer कैसे बनते है? how to become web designer in hindi

web designer बनने के लिए एक निश्चित course syllabus को पूरा करना होता है, परन्तु इसके अतिरिक्त भी बहुत से कार्य होते है जो web designer बनने के लिए आवश्यक होती है जिसमे शामिल होता है –

  1. web design theory सीखना (syllabus)
  2. web design tools सीखना 
  3. web designing से related course में admission लेना। 
  4. अपने स्वयं के project पर कार्य करना जिससे आपको web designing का practical ज्ञान प्राप्त हो सके।
  5. अपने web design work को प्रस्तुत करने के लिए एक बेहतरीन portfolio बनाए।

web design theory course kya hai

अगर हम यह जानने का प्रयास कर  रहे है कि web designing में क्या क्या आता है तो इसका एक अर्थ यह भी है कि हम web designing का syllabus जानने का प्रयास कर रहे है। web designing  एक व्यापक course है जिसके भीतर आपको web development से लेकर web का इतिहास इत्यादि पढ़ना होगा। इसकी क्रमबद्ध विकास की प्रक्रिया को भी समझना आवश्यक है इसके बाद coding की बहुत भारी भरकम basic जानकारियों के बारे में जानना पड़ता है। नीचे आपको web designing के syllabus में शामिल चीजों को प्रदर्शित किया जा रहा है-

  • Basics of Web Designing
  • HTML
  • CSS
  • JavaScript
  • Bootstrap
  • Adobe Dreamweaver
  • Adobe Flash
  • Graphic Designing
  • Animation Techniques

आइए अब इनमे से प्रत्येक के बारे में संक्षेप में जानकारी लेते है –

basics of web design kya hai ?

web designing के course के बारे में सबसे पहले जिस चीज को सिखाई जाती है वह उस विषय का मूल होता है। आपको विषय के basic के बारे में जानकारी होनी आवश्यक होती है। क्योंकि इसी में सम्पूर्ण कोर्स का – उद्देश्य, प्रस्तावना, विषय-सूची और विषय में लगने वाली आवश्यक सामग्रियों की आवश्यकता के बारे में जानकारी मिलती है। हमने इस खंड में शामिल सामग्रियों की सूची निम्न प्रकार से बनाई है इसमें शामिल मुख्य elements होते है –

  • वेबसाइट कैसे design किया जाता है। 
  • विभ्भिन प्रकार के theme और layouts का डिज़ाइन
  •  banners या advertisements का कोड के माध्यम से designing 
  • विभ्भिन software और applications के माध्यम से web pages और layouts बनाना।
  • इसमें विभ्भिन प्रकार के अन्य विषयो से भी आपको अवगत करवाया जाएगा जिसमे शामिल है – Multimedia and its Applications, Web Technologies , Computer Graphics, Mathematical Structure for Computer Science

HTML

HTML किसी भी programmer की सबसे शुरुवाती code language होता है जिससे वो coding की जगत में अपना कदम रखते है। HTML का पूरा नाम Hyper Text Markup Language होता है। यह किसी भी webpage को बनाए जाने के लिए सबसे मूल में प्रयुक्त किए जाने वाला coding language  होता है। 

इस language को web designing course में मूल रूप से रखे जाने के पीछे का महत्वपूर्ण कारण यही है कि HTML किसी भी webpage का बनावट को तय करता है। इसमें content, पैराग्राफ, heading, header-footer से सम्बंधित सभी tags इसी में शामिल होती है। सम्पूर्ण web designing की पढाई में मूल रूप से ही इन langauage ( HTML, JS, CSS) होते है, इसलिए इन languages को कंठस्थ रूप से अपने मस्तिष्क में बिठा लेना आवश्यक है। HTML का वर्तमान में HTML5 संस्करण अभी market में available है। 

HTML के विषय में अधिक जानकारी के लिए यह पढ़े – html क्या है? 

JAVA SCRIPT

किसी webpage को अधिक fancy बनाने के लिए हम उस पर विभ्भिन प्रकार के slider और tab इत्यादि जोड़ना पसंद करते है, यह सब कार्य JAVA SCRIPT से ही संभव है। यदि आपको  webpage को और अधिक आकर्षक तथा प्रभवशाली बनाना है तो आपको JS सीखना आवश्यक है। JAVA SCRIPT जैसे प्रोग्राम में विशेषज्ञ हो जाना आपको एक उच्च गुणवत्ता वाले web designer के रूप में दर्शाती है।

CSS

किसी webpage के colour, theme, font, layout के लिए CSS का प्रयोग किया जाता है।  CSS का fullform है – cascading style sheets. इस विषय में बेहतरीन पकड़ आपको अन्य लोगो से कोडिंग और web designing के मामले में एक कदम आगे कर देती है।  language की दो विशेष बात है –

  1. यह किसी webpage के overall presentation को दर्शाती हैं। (क्योंकि इसमें वे सभी तत्वों को प्रस्तुत करने की technique होती है जिससे आप वेबपेज के colour, theme, font इत्यादि change कर सकते है।)
  2. इसके प्रयोग के लिए आपको अलग से HTML या अन्य fumctioms का ज्ञान होना आवश्यक नहीं होता है। यह अपने आप में एक unique language है। 

वर्तमान में CSS 3 संस्करण कार्यरत है।  web designing  course में आपको यह भी सिखाया जाएगा। 

Bootstrap

Bootstrap कुछ और नही उपरोक्त तीनो programming language के साथ मिलकर कार्य करने वाला एक coding तंत्र होता है। मूल रूप से यदि देखा जाए तो bootstrap निम्न दो कार्यो के रूपरेखा को प्रकट करती है –

  1. यह तीनो प्रकार के कोड (HTML, JAVASCRIPT, CSS) को एक साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।
  2. एक साथ कार्य करने के कारण इसमें website को resposnsive बनाने की क्षमता होती है।
  3. यह एक open source होता है जिसकी सहायता से आपको कम से कम CSS कोड पर कार्य करना पड़ता है। जिससे आपको CSS पर अधिक माथा खपाने की आवश्यकता नही रहती, क्योंकि responsive work करने के लिए Bootstrap CSS लोड को कम करता है। 
  4. कुल मिलाकर यह अत्यधिक CSS के लोड से हमे बचाकर तीनो कोड को एक साथ responsive मोड में लाने का कार्य करता हैं।

वेब designing के कोर्स में आप bootstrap को भी सीखते है और frontend पर कार्य कैसे किया जाता है यह समझते हुए web designing और web डेवलपमेंट दोनों करते है।

web design tools kya hai

Adobe Flash

adobe flash का नाम आपने पहले भी सुना होगा। यह कुछ और नहीं किसी वेबपेज में animation को प्रकट करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।  animation का वर्तमान समय में एक अलग ही प्रभावशीलता है। लोग अपने वेबपेज बनाने के लिए नए नए animation का उपयोग करते है। adobe flash आपके course में  इसलिए जोड़ा जाता है ताकि आप किसी भी प्रकार के animation और 2D environment को अपने webpage में उतार सके। 

Adobe Dreamweaver

यदि आपको बेसिक HTML ओर CSS की समझ है तो आपको website निर्माण के लिए एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर पर कार्य करना आसान हो जाता है, यह सॉफ्टवेयर कोई और नही adobe dreamweaver है।

इस application की विशेष बात यह होती है कि इसमें आप एक साथ बहुत सारे website का निर्माण कर सकते है और इन सबको बनाते समय आको किसी भी प्रकार की कोडिंग की आवश्यकता नही होती। है न कमाल की बात। यह एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर हैंजो आपके समय के साथ साथ ऊर्जा की भी बचत करता है परन्तु इसमे आपको एक बात पर ध्यान देना होगा कि इसमें HTML और CSS की सामान्य समझ होनी आवश्यक है।

graphic designing

जिस प्रकार कोडिंग Web designing का एक प्रमुख part है उसी प्रकार graphic designing भी web designing का ही एक भाग है। एक बार जब आप programming language में mastered हो जाते है तो आपको अपने वेबसाइट पर बेहतरीन graphic के लिए graphic designing की समझ होनी जरूरी होती है। graphic डिज़ाइन में सीखने के लिए मूल रुप से आज भी निम्न tool या सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है –

  • Adobe photoshop

Graphic के types और इसकी कार्यप्रणाली के मूलभूत तत्वों को समझने के लिए adobe photoshop एक जबरदस्त सॉफ्टवेयर है। इसमें आप logo making, ग्राफ़िक, और picture design करना आसानी से सीख सकते है।

  • Coreldraw

Coreldraw भी adobe photoshop की तरह ही है इसमें भी आप picture design, graphic design और logo making के साथ साथ website में graphic कैसे इस्तेमाल करे ये सीख सकते है।

web designer बनने के लिए qualification kya hai (web designer qualification in hindi)

web designer बनने के लिए  वैसे तो किसी विशेष eligibility की आवश्यकता नहीं होती, आप किसी भी उम्र में web designing पढ़ सकते है और इसे सीख सकते है। परन्तु वर्तमान समय में web designing को गणित और computer science stream वाले विद्यार्थी अधिकतर करियर के रूप में चयन करते है। 

तो बात करे अगर course certification लेने की तो आपको web designing में डिप्लोमा से लेकर डिग्री तक मिल जाती है , और इन courses के लिए आपको कुछ eligibility होने की जरूरत होती है। मूलतः कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, बी.सी.ए. या एम.सी.ए. किया हुआ व्यक्ति किसी भी प्राइवेट कंप्यूटर सेण्टर से वेब डिजाइनिंग का कोर्स बड़ी आसानी से कर सकता है। परन्तु सिर्फ इतना ही नहीं यदि आप कंप्यूटर से सम्बंधित field से नहीं है तो आपको वेब डिजाइनिंग सीखने में कुछ समस्या आ सकती है।  परन्तु आप भी इसे कर सकते है। 

तो web designing एक certification course होता है जिसके लिए कम से कम आपको 12वी तक गणित से पढ़ाई की उम्मीद की जाती है। हालाँकि इसकी अनिवार्यता नहीं है कि आप गणित क्षेत्र से ही हो। परन्तु यदि आप गणित क्षेत्र से है तो आपको कुछ benefit अवश्य मिल जाते है। 

किसी कंपनी में web designer के क्या responsibilities होती है ?

किसी भी प्राइवेट कंपनी में किसी भी प्रकार के कर्मचारी से एक निश्चित प्रकार के responsibility निभाने की अपेक्षा की जाती है।  परन्तु यह देखा गया है कि एक निश्चित पद के लिए कुछ आवश्यक responsibilities होती ही है। उसी प्रकार web designer से किसी भी कंपनी में निम्न responsibility की उम्मीद की ही जाती है –

  • structure and design of web pages का planning करना। 
  • website में ऐसे features को develop करना जिससे user experience में इजाफ़ा हो।
  • mobile के लिए responsive sites का निर्माण करना। 
  • भविष्य में प्रयोग किये जा सकने वाले code का निर्माण करना। 
  • software workflow management को इस प्रकार से project management tools के साथ हैंडल करना (example, GitHub)
  • web pages को इस प्रकार से optimize करना कि वह maximum speed और scalability प्राप्त कर सके।
  •  websites development प्रक्रिया के दौरान ऑप्टिमाइज़ करना जिससे वेबसाइट की usability और bugs fixing हो सके। .

web designer की salary कितनी होती है ?

यदि बात करे केवल भारत के परपेक्ष्य में तो यहां web designers को विदेशो की अपेक्षा कम अपेक्षा कम आय प्राप्त होता है। वर्तमान में एक web designer को 280000 प्रति वर्ष का package मिलता है। यह औसत वार्षिक आय है। परन्तु कुछ व्यक्तियों को इससे अधिक आय भी प्राप्त होती है यदि आय के range की बात करूँ तो यह करीब 118,000 ₹ से  634,000 ₹ प्रति वर्ष की कमाई होती है। (अर्थात प्रति माह 10000 से 52000 ₹ तक। )

जबकि विदेशो में ऐसा नहीं है, विदेशो में इसी फील्ड में यहां से दुगनी कमाई होती है इसका कारण मूल रूप से निम्न है –

  • अनुभव / Experience

यहाँ की academic शिक्षा  प्रणाली से तो आप भली भाँती परिचित है। यहां के महाविद्यालयों में किसी भी प्रकार के इंडस्ट्रियल या कम्पनी के लायक आवश्यक ज्ञान नहीं दिया जाता है। जिसके कारण कॉलेज से निकलने के बाद भी विद्यार्थी नौसिखिया ही रहता है। अब किसी भी कंपनी को उस विद्यार्थी को सिखाने के लिए बहुत  संसाधनों और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जबकि विदेश का व्यक्ति इससे कही अधिक experienced होता है।

  • Location

sillicon valley जोकि अमेरिका में अवस्थित है, सम्पूर्ण विश्व  महत्वपूर्ण तकनिकी क्षेत्र के रूप में विख्यात है। कोई भी कम्पनी अपने infastructure को ऐसे जगह पर स्थापित करती है जहाँ से उसे पर्याप्त मानव संसाधन प्राप्त हो सके। भारत में तुलनात्मक रूप से उतने बड़े पैमाने पर तकनिकी संस्थान मौजूद नहीं है और यहाँ जितने भी संस्थान है वे प्रमुख महानगर तक ही सीमित है। जिसके कारण पुरे देश भर से लोगो  घरो से move करना पड़ता है। इस प्रकार जब job salary की बात आती है तो location एक बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। 

  • Skillset

ऊपर जैसा बताया गया है कि लोग college पूरा करने के बाद भी कंपनियों के लिए fit नहीं बैठ पाते। इसका मुख्य कारण चाहे जो भी हो परन्तु इससे हमारे कौशल के विकास की प्रक्रिया रुक जाती है। किसी कंपनी को हमें अपने योग्य बनाने के लिए अलग से ऊर्जा लगाने की आवश्यकता पड़ती है। और यह भी हमारे यहाँ निजी कमपनियों में कम salary होने का प्रमुख कारण है। 

web designer की life कैसी होती hai ?

web designing केवल कुछ latest engineering का कोई सरल क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें trial & error की एक श्रृंखला शामिल है। इसलिए यदि सामान्य bloggers ने आपको विश्वास दिलाया है कि वेब डेवलपर्स के पास आसान, लचीले जीवनशैली हैं, तो आप बहुत गलत हैं।

इंटरनेट के लगातार बढ़ते प्रभाव के साथ, कोई भी बिज़नेस अपने वेबसाइट और एप्लीकेशन को अधिक महत्व दे रहे हैं। उस संदर्भ में, वेब डेवलपर्स लगातार क्लाइंट दबाव, व्यस्त समय सीमा, तीव्र प्रतिस्पर्धा और हर out of the box रहने की चुनौती के अधीन होते हैं। वेब डेवलपर्स को हम जितना सोच सकते हैं उससे कहीं अधिक वे व्यस्त होते है।

वेब डेवलपर्स की मांग केवल tech कंपनियों तक ही सीमित नहीं है। सरकारी संस्थाएं, कॉर्पोरेट फर्म, शैक्षणिक संस्थान जैसे हर क्षेत्र सक्षम web designers की समय-समय पर मांग करते हैं। इससे उनपर पड़ने वाले भारी दबाव को भी महसूस किया जा सकता है 

वेब डेवलपर्स के बारे में एक और आम मिथक जिसे दूर करना महत्वपूर्ण है वह यह है कि वे स्वयं से सब चीजे सीख जाते हैं। संभवतः बिल गेट्स की हार्वर्ड ड्रॉपआउट कहानी से प्रेरित होकर, कई लोग web designing को एक ऐसी चीज़ के रूप में देखते हैं जिसे कोई भी बहुत आसानी से घर बैठे कोडिंग जैसे जटिल विषयो को सीख सकता है। हालाँकि basic web designing skill को ऑनलाइन सीखना संभव है। परन्तु यह आपको pro नहीं बना देता। 

web designer के लिए job option kya hai?

चूँकि हम सब इस बात को जानते है कि कोडिंग एक ऐसा विषय है जिसका कोई अंत नहीं है। इससे इस बात का पता चलता है कि कोई भी web designer अपने skill को upgrade करना चाहेगा ही।  तो आप अपने करियर के प्रत्येक stage पर अपने आप को upgrade कर सकते है।

इसके अतिरिक्त web designing कम्पनी में project manager का पोस्ट भी इनके लिए ही होता है जहाँ पर ये उस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अन्य लोगो के कार्य की प्रगति पर नजर रखते है। 

इसके अलावा भी एक शिक्षक के रूप में आप अपने web designing करियर को चला सकते है, या फिर एक entrepreneurके रूप में स्वयं को स्थापित कर सकते है। 

तो एक web designer बनने की यात्रा बहुत से उतार चढाव पर टिकी होती है, इनका जीवन भी सामान्य लोगो की तरह ही होती है, जबकि ये entrepreneur ही होते है क्योंकि इन्हे अपने job के चले जाने का भय हमेशा बना रहता है। web designing आज विश्व का जाना माना job की गिनती में शुमार है नवयुवक इस क्षेत्र के ओर बहुत अधिक रूचि दिखा रहे है, परन्तु सफल वो ही हो पाते है जो कोडिंग जैसे विषयो को अपना passion मानते है। 

अंतिम शब्द : web design kya hota hai?

इंटरनेट का प्रयोग जिस स्तर पर दिनो दिन बढ़ता जा रहा है, आने वाले समय में website और application के निर्माण में लोग अधिक से अधिक ध्यान देंगे। इसका अर्थ है कि web development और web designing के क्षेत्र में बड़ी क्रान्ति आने वाली है। वर्तमान समय भी डिजिटल क्रान्ति का ही दौर है, परन्तु आने वाला समय इससे भी उज्जवल होने की सम्भावना के साथ भरा हुआ है। 

हालाँकि economic condition के अनुसार देखे तो अभी भी यहाँ के web designer पिछड़े हुए है। परन्तु धीरे धीरे वे भी मुख्य धारा से जुड़ रहे है और गूगल से लेकर microsoft जैसी कंपनियों के CEO भारतीय होने से भारतीयों का डिजिटल दुनिया में एक अलग ही दबदबा बनता है। इस कारण समय के साथ salary बढ़ने के अच्छे संकेत दिखाई देंगे।

आशा करता हूँ कि आपको हमारा यह लेख web designing kya hota hai ? पसंद आया होगा।  हालाँकि ऊपर दिए गए कई तथ्यों में से बहुत से तथ्यों का समय के साथ परिवर्तन संभव है। ( विशेषकर salary वाला portion.)

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