Quality content kya hota hai in hindi

quality content क्या होता है _

यदि आप blogger है तो निश्चित ही आप quality content के विषय में जानते होंगे, परन्तु अगर आप blogging के क्षेत्र में नए है तो quality content क्या होता है ; यह जानना आपके लिए जरूरी हो जाता है, ऐसे में यह लेख-  quality content क्या होता है in hindi  आपको अपने content को बेहतर बनाने  में मदद कर सकता हैं। 

किसी blog को लिखना और साथ ही उसके quality को बनाए रखना बहुत ही कठिन कार्य हो सकता है, यह तब और कठिन हो जाता है जब हमें यह पता नहीं होता कि हमारा content में quality हैं या नहीं।

ऐसे में हमें अपने content की quality parameters क्या-क्या हो सकते है यह समझने की आवश्यकता है। 

इस लेख में हम content के विषय में जानेंगे और फिर इसे quality content में कैसे तब्दील करे यह जानेंगे तथा अपने content के unique होने की पुष्टि हेतु आवश्यक tool की जानकारी भी प्राप्त करेंगे।

अतः quality content in hindi को समझने से पहले हम यह समझते है कि content क्या होता है। 

किसी शीर्षक (title) को आसान भाषा में व्यक्त करना ही content कहलाता है यदि इसे और विस्तार से समझा जाए तो – किसी भी प्रकार के कला, ज्ञान या सूचना का संकलन को ही content कहते है।

उदाहरण के लिए जैसे निबंध, चित्रकारी, लेखनी, कविता, समाचार यह सभी content ही है इनमें फ़र्क़ सिर्फ इनके प्रस्तुतीकरण और platform का है क्योंकि एक लेख के द्वारा भी आप उन्ही बातो को बता सकते है जिसे एक चित्र के द्वारा बताते है।

यदि हम content की बात blog के क्षेत्र में करे तो यहाँ content शीर्षक(Title) और उपशीर्षकों(Subtitle) से सम्बंधित होता है।  

तो एक निश्चित विषय (Title) का एक निश्चित content होगा। जैसे यदि title है UPSC , तो इसके भीतर आने वाले सभी तथ्य और आंकड़े इसके content कहलाएंगे।

जैसे UPSC का परिभाषा इसका एक content होगा फिर UPSC के subheadings होंगे जैसे- UPSC क्या होता है, कैसे करते है, कौन कर सकता है, इसमें कौन कौन से post होते है इत्यादि।

तो blog का content कई भागो से बना होता है जहाँ मुख्य शीर्षक के अनेक उपशीर्षक हो सकते हैं। 

content को समझ लेने के बाद आइए समझते है quality content क्या होता है। 

quality content in hindi

quality content दो शब्दों quality और content से मिलकर बना है। यहाँ हमें शब्द quality  पर ध्यान देना चाहिए।

quality का हिंदी में शाब्दिक अर्थ गुणवत्ता होता है, तो quality content को इस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है – “ऐसे content जिनमे गुणवत्ता हो।”

पर यह परिभाषा हमें पूर्ण नहीं लगता क्योंकि यहाँ हमें content की गुणवत्ता क्या होती है यह नहीं पता है या यह कहना अधिक उचित होगा कि quality content कैसे बनता है इसकी जानकारी हमें नहीं है।  

तो आइए जानते है quality content in hindi कैसे बनता है-

quality content kaise banaye in hindi

वैसे तो quality content बनाने के लिए आपको केवल एक या दो नहीं अनेको parameters मिल जाएंगे। पर हम यहां उन मुख्य parameters पर ही focus करेंगे जो सीधे सीधे आपके content पर प्रभाव डालते है।

content के quality को maintain करने के लिए मुख्य रूप से 8 मानक ही है, आइए जानते है quality content के 8 प्रमुख मानकोके विषय में –

1. अपने मुख्य विषय का शोध करे

जब कभी हमें किसी विषय पर बोलने को कहा जाता है तो हम उस विषय के सन्दर्भ में सारी जानकारियों की एक श्रृंखला बनाते हैं, जानकारियों के इसी संकलन को शोध कहा जाता हैं।  

किसी विषय में विशेषज्ञ दिखने के लिए हमें शोध की आवश्यकता होती है। शोध ही हमें सामान्य से अलग करता है। 

जब आप अपने blog के लिए किसी विषय पर शोध करते है तो –

  • यह आपके blog को दूसरो से अलग बनाता है।
  • आपके blog में नवीन तथ्यों को लाता है।
  • आपको प्रस्तुतीकरण के नए तरीको का पता चलता है।
  • आपको उस विषय सन्दर्भ में कुशल बनाता है जिसके कारण आप अपने blog के प्रति अधिक उत्तरदायी होते है।
  • जितना अधिक शोध होगा उतना ही अधिक प्रभावी content प्राप्त होगा। 

blogging sector में शोध की आवश्यकता आज बहुत अधिक बढ़ गयी है क्योंकि दिन प्रतिदिन नए blogging site बन रही है और अनेको content निरंतर आ रहे है।

ऐसे में स्वयं को up to date रखना सभी bloggers का मूल कर्त्तव्य बन चुका है। यही कारण है कि content research आज blogging के लिए अनिवार्य सच्चाई बन चुकी है।

2. शीर्षक और उपशीर्षक को मजबूत रखे

blog कोई निबंध नहीं होता जिसमे केवल एक शीर्षक हो। यह किसी विषय पर छोटे छोटे टुकड़ो में दिया गया उत्तर होता है। 

चूँकि निबंध एक शीर्षक पर लिखा गया लेख होता है परन्तु हम blog को निबंध के रूप में नहीं दिखा सकते क्योंकि हमें blog में किसी विषय से सम्बंधित अनेक प्रश्नो के उत्तर देने होते है।

यदि हम एक शीर्षक का प्रयोग करे तो उनके अलग अलग पहलुओं को अधिक विस्तार से नहीं बता पाएंगे। ऐसे में एक blogger का यह प्रयास होना चाहिए कि वह अपने content को विभ्भिन शीर्षकों में तोड़ सके|

इससे वह अपने content को अलग अलग उपशीर्षकों में विस्तारपूर्वक और आसानी से बता पाएगा। 

आप अपने blog में H1 से लेकर H6 तक के headings दे सकते है इससे आप hierarchy (पदसोपान) निर्धारित कर सकते है इससे पाठको के साथ साथ crawlbots को भी आपके content को पढ़ने में आसानी होती है।

3. सही व्याकरण का प्रयोग करे

विद्यालय के दिनों को याद कीजिए , आप किस व्यक्ति के notes को prefer करते थे? अच्छे writing और सही grammer वाले notes या ऐसे notes जो “की” को “कि” लिखता हो?

गलत व्याकरण वाले notes का बुरा प्रभाव हमारे पढ़ने और लिखने दोनो में दिखता था। ठीक इसी प्रकार जब आप blog लिखते है तो फिर चाहे वह जिस भी भाषा में हो, आपको सटीक व्याकरण का इस्तेमाल करना चाहिए।

इससे आपके पाठको में एक सकारात्मक सन्देश जाता है जिससे आपके blog के विषय में उनका रुझान और बढ़ता हैं, क्योंकि इससे पाठको को लगता है कि लेखक जरूर पढ़ा-लिखा व्यक्ति है और यूँ ही fake content नहीं दे रहा है तथा पाठको की संतुष्टि ही किसी लेखक के लिए बड़ी उपलब्धि होती है।

वैसे यदि आप अंग्रेजी में blog लिखते है तो grammarly नामक extension tool आपके बहुत काम आ सकता है।

4. font size और colour पर विशेष ध्यान दे

कम से कम लिखे हुए शब्द दिखाई तो दे, तथा इतने अधिक बड़े भी ना हो कि केवल अक्षर ही दिखाई दे, सभी bloggers यही चाहते है।  

परन्तु जब बात screen resolution की आती है तो हम देखते है कि किसी blog को पढ़ने के लिए desktop में आसानी से zoom in-out किया जा सकता है, परन्तु जब mobile जैसे छोटे screen की बात आती है तो हमें थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। 

यदि आपका font size इतना छोटा है कि mobile में पढ़ने के लिए उसे दोनों अंगूठो से बार बार zoom करना पड़ रहा है तो समझ लीजिए की आपके पाठक धीरे धीरे कम होते जाएंगे, क्योंकि यहाँ internet में अनेक विकल्प है जो आपसे बेहतर दिख रहे है।  

ऐसे में आपको mobile और desktop दोनों में जो suitable हो ऐसे font sizes को चुनना चाहिए। वैसे अत्यधिक focus mobile पर ही दे क्योंकि लगभग 75 फीसदी पाठक mobile से आते है।

यही सिद्धांत आपको font colour को लेकर भी सोचना चाहिए।

5. paragraph आकार सुनिश्चित करे

एक शीर्षक पर आप कितना लम्बा लिख सकते है? शायद 5000 शब्द? शायद मेरा अनुमान कम है !!!

पर क्या यह मायने रखता है? आप स्वयं सोचिए आप आखरी बार लम्बे से लम्बा paragraph कितने शब्दों का पढ़े थे? शायद 500 शब्द? क्योंकि इतने शब्दों के बाद paragraph change हो जाता है, और यह आवश्यक भी है!!

एक blog के शब्दों की सीमा होती है और उसे इस सीमा के भीतर ही पाठको को संतोषजनक content देना चाहिए।

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया हैं कि blog कोई निबंध नहीं होता जिसमे आप एक शीर्षक पर अनगिनत शब्द लिखते जाए, blog में आपको अपने content को सटीक उपशीर्षकों के भीतर एक निश्चित paragraph में दिखाना होता है। 

मैं स्वयं कोशिश करता हूँ कि मैं अपने blog के जरिए आपको लगभग 2000 शब्दों में एक अच्छा content दिलाऊं , क्योंकि मेरा niche ही ऐसा है कि मैं किसी भी प्रकार से इससे कम में अपनी बात नहीं रख सकता।

तो आपको भी अपने पाठको के साथ न्याय करते हुए सिमित शब्दों में सही तथ्यों को प्रकट करना चाहिए।

6. आवश्यक images का प्रयोग करे

कम शब्दों में अधिक बोलना हो तो आप चित्र या images से बेहतर कोई विकल्प नहीं दे सकते, परन्तु कम बोलने के चक्कर में हम अपने blog को चित्रकारी से भी नहीं भर सकते।

इसलिए हमें अपने लेख के लिए सदैव ऐसे images का इस्तेमाल करना चाहिए –

  • जो लेख के अनुकूल हो 
  • कॉपीराइट ना हो
  • compressed हो 
  • jpg form में हो 
  • सही साइज(resolution)में हो 
  • अश्लीलता को प्रकट करने वाला न हो

याद रखिये images आपके page की speed को निर्धारित करती है। इसलिए जरूरत से अधिक image भी आपके blog की दुर्गति का कारण बन सकती है। 

7. नक़ल या दोहराव से बचे

उपशीर्षक पर आपका जरूर ध्यान गया होगा नकल और दोहराव से बचे!! आप सोचे भी होंगे दोनों तो मिलते जुलते शब्द हैं दोनों तो ऐसे लिखने का क्या औचित्य? परन्तु मैं बता दूँ ,दोनों शब्दों में बहुत अंतर हैं।

नक़ल को अंग्रेजी में copy व दोहराव को repeatance कहा जाता है, अब शयद आपको अच्छे से समझ आ गया होगा? चलिए आपको और अच्छे से समझाता हूँ। 

नक़ल से आशय किसी अन्य site के content को copy करना है जबकि दोहराव का अर्थ अपने ही किसी blog के content को उसी लेख में तथा अन्य लेख में दुबारा इस्तेमाल करना है।

यदि आप नक़ल करते है तो आप भले पाठको से बच सकते है परन्तु आप google crawlbots से तो नहीं बच सकते। इससे आपके SEO पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि Search Engine वास्तविक (original) content पर ही focus करता है। 

नक़ल से  बचाव के लिए आपको Plagiarism Checker tools को use करना चाहिए।

8. पाठको की प्रतिक्रिया

इस सन्दर्भ में मुझे अधिक बताने की आवश्यकता महसूस नहीं होती क्योंकि आपको भी पता है कि आपका ग्राहक ही आपका पाठक है या आपका पाठक ही आपका ग्राहक है आप इसे जैसे भी समझे।

तो आप अपने पाठको की प्रतिक्रिया comment box से लेकर email के जरिये प्राप्त कर सकते है। पर प्राप्त करने से अधिक आवश्यक है उन प्रतिक्रियाओं पर अमल करना।

आपके बहुत से पाठक आपके लेखो को पसंद करते होंगे, बहुत से नहीं भी करते होंगे। कभी कभी यह फासला बहुत अधिक हो सकता है और आपको पाठको के इसी फासले को कम से कम करने की आवश्यकता है।

इस अवस्था में एक पाठक की वास्तविक प्रतिक्रिया आपके बहुत काम आ सकती है, पाठक आपके लेख पर कमेंट द्वार प्रतिक्रिया तभी देंगे जब उन्हें आपका लेख अच्छा लगेगा, और जब आप उन्हें comment और email के जरिए निरंतर reply देते रहेंगे। 

अंतिम शब्द : quality content in hindi

blogging का सबसे मूलभूत सिद्धांत है, यदि आपका content अच्छा और unique है तो आपको पीछे मुड़कर  देखने की जरूरत नहीं है। यह internet भी हम मनुष्यो की तरह है, यहां भी आपको अचे और बुरे दोनों तरीके के लोग मिलेंगे। बुरे वो जो content कॉपी करते है, spamming और web attack करते है।

निर्णय आपको करना होता है कि आप सही content को दिखाएँगे या कही से copy मारकर लाए हुए content को अपने blog पर चिपका देंगे एक बात अवश्य ध्यान में रखे कि copy किया हुआ content, google से कभी नहीं बच सकता।

इस लेख में हमने content क्या होता है के विषय में आपको पूरी जानकारी दी जिसके भीतर शामिल है quality content क्या होता है और इसे कैसे बनाए।

आशा करता हूँ की आपको यह लेख Quality content kya hota hai अवश्य पसंद आया होगा। यदि हमारे लेख में आपको किसी प्रकार की त्रुटि या संशय हो तो आप comment में बोल सकते है, हम शीघ्र ही आपके कमेंट का जवाब देने का कोशिश करेंगे।

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