printer kya hai in hindi

pritner क्या है और इसके प्रकार in hindi

printer kya hai in hindi ; एक प्रिंटर एक प्राथमिक हार्डवेयर आउटपुट डिवाइस है जिसका उपयोग हार्ड कॉपी उत्पन्न करने और किसी भी दस्तावेज़ को प्रिंट करने के लिए किया जाता है। एक दस्तावेज़ किसी भी प्रकार का हो सकता है जैसे कि टेक्स्ट फ़ाइल,आकृति या दोनों का संयोजन। यह दस्तावेज़ों को प्रिंट करने के लिए कंप्यूटर या अन्य उपकरणों पर उपयोगकर्ताओं द्वारा इनपुट कमांड को स्वीकार करता है। उदाहरण के लिए, यदि आपको अपने कॉलेज में प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करनी है, तो आपको अपनी रिपोर्ट की एक सॉफ्ट कॉपी तैयार करनी होगी और उसे प्रिंटर की सहायता से प्रिंट करना होगा।

printer का इतिहास अभी से लगभग 200 साल पुराण है हालाँकि प्राचीन समय में भी छपाई के अनेको विकल्प मौजूद थे परन्तु हम उन विकल्पों का वर्णन अति प्राचीन होने की वजह से यहाँ नहीं करेंगे।

नीचे हम printer का इतिहास kya hai in hindi को एक टेबल के माध्यम से दर्शाने का प्रयत्न कर रहे है –

वर्ष 

इतिहास 

1837

चार्ल्स बैबेज ने 1800 के दशक में पहला मैकेनिकल printer डिज़ाइन किया था।

1868

टाइपराइटर को printer और कीबोर्ड का अग्रदूत माना जाता था, जिसका आविष्कार 1868 में क्रिस्टोफर शोल्स ने किया था।

1953

पहला हाई-स्पीड printer 1953 में रेमिंगटन-रैंड द्वारा विकसित किया गया था। इसे UNIVAC कंप्यूटर के साथ उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

1957

आईबीएम ने 1957 में पहला डॉट मैट्रिक्स printer विकसित और विपणन किया।

1968

Shinshu Seiki Co., जो बाद में Epson बनी, ने 1968 में पहला इलेक्ट्रॉनिक मिनीprinter विकसित किया।

1970

पहला डॉट मैट्रिक्स इफेक्ट printer 1970 में Centronics द्वारा विकसित किया गया था।

1971

गैरी स्टार्कवेदर ने ज़ेरॉक्स में काम करते हुए, पहले लेजर printer को ज़ेरॉक्स मॉडल 7000 कापियर को संशोधित करके विकसित किया। लेजर printer पर विकास 1971 में पूरा हुआ।

1972

पहला थर्मल printer 1972 के आसपास बाजार में उपलब्ध हो गया, जिसे पोर्टेबल मशीनों और खुदरा दुकानों में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया था।

1976

पहला इंकजेट printer 1976 में हेवलेट-पैकार्ड द्वारा विकसित किया गया था। हालांकि, इंकजेट printer 1980 के दशक के मध्य तक लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए।

1976

आईबीएम ने 1976 में आईबीएम 3800 प्रिंटिंग सिस्टम, पहला हाई-स्पीड लेजर printer पेश किया।

1977

सीमेंस ने 1977 में पहला डीओडी (ड्रॉप-ऑन-डिमांड) इंकजेट printer विकसित किया। डीओडी प्रिंटर स्याही को स्प्रे करता है जहां कागज के टुकड़े पर इसकी आवश्यकता होती है।

1979

कैनन LBP-10, पहले सेमीकंडक्टर लेजर बीम printer और उनकी पहली printer इकाई का परिचय देता है।

1984

Hewlett-Packard ने 1984 में अपना पहला लेजर printer , HP LaserJet पेश किया। उसी वर्ष, Hewlett-Packard ने पहला थर्मल इंकजेट प्रिंटर, HP ThinkJet पेश किया।

1988

एचपी डेस्कजेट इंकजेट printer को 1988 में हेवलेट-पैकार्ड द्वारा पेश किया गया था और $ 1000 में बेचा गया था। यह पहला मास-मार्केटेड इंकजेट printer माना जाता है और प्रिंटरों की एक बहुत लोकप्रिय और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली श्रृंखला बन गई है।

1988

कई आधुनिक 3 डी printer एफडीएम (फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग) नामक एक तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसे 1988 में स्कॉट क्रम्प द्वारा विकसित और पेटेंट किया गया था।

1992

स्ट्रैटैसिस, इंक ने 1992 में अपना पहला 3 डी printer उपलब्ध कराया, जो एफडीएम (फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग) तकनीक पर आधारित है, जो कंपनी के सह-संस्थापक एस स्कॉट क्रम्प द्वारा विकसित और पेटेंट किया गया है।

2009

FDM (फ़्यूज़्ड डेपोज़िशन मॉडलिंग) पर एस स्कॉट क्रम्प का पेटेंट 2009 में समाप्त हो गया, जिसे रेपराप कहा जाता है, एफडीएम तकनीक का उपयोग करने के लिए।अन्य वाणिज्यिक कंपनियों के साथ, नए 3D प्रिंटर विकसित करने के लिए FDM का उपयोग करता है।

types of printer kya hai in hindi

printer के प्रकार
printer के प्रकार

printing method के आधार पर printers मुख्यतः दो प्रकार के पाए जाते है :-

  1. impact printer
  2. Non- impact printer
आइए अब हम एक एक करके इन दोनों printers के बारे में समझते है –

impact printer kya hai in hindi

साधारणतः printers के बात आने पर यह अवश्य पूछा जाता है कि impact printer kya hai in hindi, आइए हम इस प्रश्न का उत्तर समझने का प्रयत्न करते है ;-

impact printer किसी पेज पर भौतिक रूप से एक ink वाले रिबन को दबाने के लिए कुछ mechanism का उपयोग करके एक image बनाते हैं, जिससे ink वांछित आकार में पेज पर जमा हो जाती है। ये printer आमतौर पर बहुत अधिक ध्वनि शोर करते है, लेकिन काम करने की अपनी अनूठी क्षमता के कारण आज भी ये उपयोग में बने हुए हैं।

दो प्रकार के impact printers पाए जाते है –

  1. character printers और
  2. line printers 

1. character printers

एक character printer एक समय में एक ही character print करता है। ये बहुत कम गति के printer होते हैं। उनके printing speed 10-600 character per second (CPS) की सीमा में है।

इनके भी दो प्रकार पाए जाते है –

a. dot matrix printer

b. daisy wheel printer

a. dot matrix printer in hindi

शब्द “dot matrix” का अर्थ एक प्रक्रिया से है, जिसमे किसी आकृति को page पर लाने के लिए printer द्वारा dots का उपयोग किया जाता है ; इसलिए इसकी quality को dpi या dot per inch से मापा जाता है। 

dot matrix printer in hindi
चित्र : dot matrix printer

dot matrix printer में print head आगे से पीछे या ऊपर से नीचे की दिशा में page पर ink लगे हुए dots को मारकर printing प्रक्रिया पूरी करता है।

हालाँकि dot matrix printer काफी महंगे और कम उत्पादकता दिखाते है, इसके उत्पादकता के कम होने का मुख्य कारण इसमें प्रयुक्त dots की गुणवत्ता है। 

dot matrix prnter की printing range 180 cps, 260cps, 300cps और 360cps है। 

b. daisy wheel printer

इस प्रकार के printer में daisy नामक wheel  का प्रयोग किया जाता है, इसे सामान्यतः daisy wheel या print wheel भी कहा जाता है जिसपर plastic metal hub होते है और इसमें printhead के स्थान पर spokes लगे होते है। प्रत्येक spoke के अंत में एक प्रकार के character की नक्काशीदार छवि बनी होती है।

daisy wheel printer in hindi
चित्र: daisy wheel printer

यह पूरा wheel तब तक घूमता है जब तक उसे सही character नहीं मिल जाता, और अंत में एक हथौड़े जिस पर ink लगा होता है , के द्वारा character को मारा जाता है।

daisy wheel printer अपेक्षाकृत धीमा printing device है। इसकी printing speed 180 cps से ले कर 280 cps होती है।

इस printer की कमजोरी यह है कि यह graphic और images को सामान्यतः print नहीं कर पाता है, इसके अतिरक्त ये धीमे और बहुत अधिक शोर करते है।

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2. line printers kya hai in hindi

लाइन printer मिनी और मेनफ्रेम कंप्यूटर के साथ बड़ी मात्रा में आउटपुट के उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले printer हैं। ये printer एक समय में text की एक लाइन को print करते हैं, इसीलिए इन्हे line printer के रूप में जाना जाता है।

इसकी printing speed 300-3000 लाइन प्रति मिनट (LPM)  की सीमा में है। वास्तव में लाइन प्रिंटर एक समय में केवल एक cahracter को print करता है लेकिन इसकी printing speed के कारण, observer यह देखता है कि यह एक पूरी line को एक बार print करता है।

पुनः इन printers के दो मुख्य प्रकार है –

a. drum printers in hindi

drum printer में एक बेलनाकार drum होता है। प्रत्येक cahracter के साथ print पर हथौड़ों का एक सेट जुड़ा हुआ होता है। जैसे ही ड्रम घूमता है, हथौड़ा वांछित character की प्रतीक्षा करता है और जब हथौड़ा के सामने character दिखाई देता है तो वह active हो जाता है।

Drum printer hindi
चित्र : Drum printer

इस printer में ribbon को हथौड़ा और drum के बीच रखा जाता है, उभरे हुए character के खिलाफ एक पंक्ति को print करने के लिए drum की एक चक्कर की आवश्यकता होती है। जैसे ही लाइन print होती है पेपर अगली लाइन print करने के लिए ऊपर की ओर बढ़ती है।

b. chain printers in hindi

इस प्रकार के print के लिए character वाली श्रृंखला का उपयोग किया जाता है। print chain बहुत तेजी से घूमती है। श्रृंखला के प्रत्येक लिंक के साथ character font होता है। प्रत्येक चलित स्थिति में चुम्बकीय रूप से संचालित हथौड़े होते हैं और जो भी अक्षर print करने होते हैं, वे printer द्वारा processor के माध्यम से प्राप्त होते हैं।

chain printer hindi
चित्र : chain printer

जब वांछित character print की स्थिति में आता है तो हथौड़ों ने character के खिलाफ ribbon और page पर प्रहार किया जाता है, इस प्रकार यह एक बार में एक पंक्ति को print करता है।

हालाँकि यह बहुत अधिक शोर करता है और साथ ही इसकी गति 400-24000 लाइन प्रति मिनट (LPM) है।

non impact printer kya hai in hindi

साधारणतः printers के बात आने पर यह अवश्य पूछा जाता है कि non impact printer kya hai in hindi , आइए इस प्रश्न का उत्तर जानने का प्रयास करते है;

शब्द non impact printer यहां पर मुख्य शब्द है जो इसे impact printer से अलग करता है क्योंकि इस प्रकार के printers में striking head या किसी प्रकार के dot , hammer या ribbon से printing की प्रक्रिया नहीं की जाती। यहाँ मुख्य अंतर पprinting के दौरान आने वाली शोर (impact) और printing speed की है।

non impact printer के मुख्यतः तीन प्रकार पाए जाते है –

  1. Laser printer
  2. Inkjet printer
  3. Thermal printer

आइए एक एक कर इन तीनो के बारे में समझते है –

1. laser printer kya hai in hindi

इस प्रकार के printer में laser beam का प्रयोग किया जाता है।  laser printer में laser beam के द्वारा drum पर image प्राप्त किया जाता है। जब कभी भी लेज़र लाइट drum पर पड़ता है तो drum का electirc charge में परिवर्तन आता है। इस ड्रम को फिर टोनर के एक reservoir के माध्यम से लुढ़काया जाता है, जो drum के चार्ज किए गए भागों द्वारा उठाया जाता है। इसके कार्य शैली के कारण ही इसे electro photographic technique printer भी कहा जाता है। 

laser printer in hindi
चित्र : laser printer

अंत में, टोनर को heat और pressure के संयोजन के माध्यम से कागज में स्थानांतरित किया जाता है। इस प्रकार हम print प्राप्त करते हैं। लेजर printer दो प्रकार के होते हैं जैसे; mono और colour.

laser printer की printing speed और quality अन्य pritners की तुलना में बहुत बेहतर होता है। इसकी printing speed (12-20 page per minute) होता है। 

2. Inkjet Printer Kya Hai In Hindi​

यह एक non impact character printer है इसका प्रयोग समान्यतः  घरो में किया जाता है जहां कंप्यूटर उपयोगकर्ता, जो कागज पर त्वरित सुखने वाली स्याही की धाराओं का छिड़काव करके प्रिंट करता है। दो प्रकार के स्याही जेट प्रिंटर होते हैं mono और color .

inkjet printer in hindi
चित्र : inkjet printer

ink को डिस्पोजेबल स्याही कारतूस में सॉर्ट किया जाता है। प्रायः प्रत्येक प्रमुख रंगों के लिए एक अलग कारतूस का उपयोग किया जाता है। ये रंग आमतौर पर काले लाल / मैजेंटा, हरे / सियान और पीले रंग के होते हैं। विशेष स्याही का एक जेट, नोक से निकाला जाता है और छवियों और पात्रों का उत्पादन करता है। हालांकि inkjet printer अक्सर अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं, परन्तु प्रिंटर में प्रयुक्त स्याही, प्रिंटर की समग्र लागत को बढ़ाते हैं और printing cost को भी बढ़ाते हैं। print की गुणवत्ता अच्छी है और printing speed 360dpi – 5600dpi तक है। 

3. thermal printer kya hai in hindi

thrmal printer, coated thermochromic पेपर या थर्मल पेपर पर छवियों को जलाने के लिए गर्म प्रिंट का उपयोग करता है। जब paper thermal print head के ऊपर से गुजरता है तो cating उन क्षेत्रों में काली हो जाती है जहां इसे गर्म किया जाता है और इस प्रकार यह एक छवि का निर्माण करता है। इस प्रकार के प्रिंटर आमतौर पर calculator और fax मशीनों में उपयोग किए जाते हैं। ये अत्यंत उच्च resolution prints प्रदान करते है। 

thermal printer in hindi
चित्र: thermal printer

आइए अब हम इन सभी printers के कार्यशैली और इनके लाभ और हानि को एक table के माध्यम से समझते है –

advantage and disadvantages of printers in hindi

प्रिंटर कार्यशैली लाभ हानि 
Dot matrix printers
  • Dots का उपयोग करके image प्राप्त किया जाता है। 
  • Impact printerका एक उदाहरण
  1. सस्ता, 
  2. आसानी से उपलब्ध 
  3. रखरखाव में आसान,
  4. चार्ट और ग्राफ़िक प्रिंट करने में सक्षम
  1. अत्यधिक शोर
  2. कम गुणवत्ता का आउटपुट  
Daisy wheel printer
  • printhead के स्थान पर spokes
  • प्रत्येक spoke के अंत में एक प्रकार के character की नक्काशीदार छवि बनी होती है।
  • एक हथौड़े जिस पर ink लगा होता है ,के द्वारा character को मारा जाता है
  • Impact printer का एक उदाहरण
  1. कम रखरखाव
  2. कम लागत
  3. कार्बन कॉपी बना सकते हैं
  4. डॉट-मैट्रिक्स प्रिंटर की तुलना में बेहतर प्रिंट गुणवत्ता
  1. अत्यधिक शोर
  2. कोई ग्राफिक्स नहीं
  3. वर्ण / प्रकार की सीमित संख्या
Drum printer
  • इसमें एक बेलनाकार drum मुख्य part होता है
  • Drum के घूमने पर हथौड़े के द्वारा character पर प्रहार होता है
  • Drum और हथौड़े के मध्य ribbon होता है
  • Impact printer में line printing का प्रतिनिधित्व करता है
  1. अन्य printers की तुलना में अधिक तेज
  2. lines को अधिक सटीकता से print करता है
  • Line के size के आधार पर printing speed निर्भर करता है 
  • Images print करने में अक्षम
  • Character font change करना कठिन
Chain printer
  • इस प्रकार के print के लिए character वाली श्रृंखला का उपयोग किया जाता है।
  • श्रृंखला के प्रत्येक लिंक के साथ character font होता है। 
  • चुम्बकीय रूप से संचालित हथौड़े होते हैं और जो भी अक्षर print करने होते हैं, वे printer द्वारा processor के माध्यम से प्राप्त होते हैं।
  1. उच्चतम गति
  2. Font size और style change करने में सक्षम
  3. भाषा change करने में भी सक्षम
  1. अत्यधिक शोर
  2. Graphic जैसे टेबल और चार्ट print करने में अक्षम 
Laser printer
  • laser beam का प्रयोग किया जाता है। 
  • laser beam के द्वारा drum पर image प्राप्त किया जाता है।
  • लेज़र लाइट drum पर पड़ता है तो drum का electirc charge में परिवर्तन आता है।
  • इसके कार्य शैली के कारण ही इसे electro photographic technique printer भी कहा जाता है। 
  1. उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटआउट 
  2. Fast printout
  3. Print प्रक्रिया शांतिमय
  4. प्रति पृष्ठ printing लागत कम
  • प्रारंभिक लागत अधिक
  • Colour महंगे होते है
  • Repair में महंगे
Inkjet printer
  • कागज पर त्वरित सुखने वाली स्याही की धाराओं का छिड़काव करके प्रिंट करता है।
  • ink को डिस्पोजेबल स्याही कारतूस में सॉर्ट किया जाता है। प्रायः प्रत्येक प्रमुख रंगों के लिए एक अलग कारतूस का उपयोग किया जाता है।
  • विशेष स्याही का एक जेट, नोक से निकाला जाता है और छवियों और पात्रों का उत्पादन करता है।
  •  
  • कम लागत
  • उत्पादन की उच्च गुणवत्ता, 
  • चिकनी विवरणों को मुद्रित करने में सक्षम
  • ज्वलंत रंग में मुद्रण करने में सक्षम, image print करने के लिए अच्छा है
  • प्रयोग करने में आसान
  • डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की तुलना में शांत
  1. Print head कम टिकाऊ
  2. स्याही कारतूस महंगे
  3. High volume printing के लिए अच्छा विकल्प नहीं 
  4. Laser printer जैसा speed नहीं
  5. Print output page पर ink colour पानी को लेकर अत्यधिक संवेदनशील
Thermal printer
  • coated thermochromic पेपर या थर्मल पेपर पर छवियों को जलाने के लिए गर्म प्रिंट का उपयोग करता है।
  • जब paper thermal print head के ऊपर से गुजरता है तो cating उन क्षेत्रों में काली हो जाती है जहां इसे गर्म किया जाता है और इस प्रकार यह एक छवि का निर्माण करता है।
  1. उत्कृष्ट, कुरकुरा प्रिंट गुणवत्ता
  2. उच्च विश्वसनीयता
  3. आसान हैंडलिंग – कोई स्याही / रिबन नहीं
  4. कम रखरखाव लागत
  5. लगातार प्रिंट की में भी गुणवत्ता ठीक
  6. उच्च गति printing
  7. उच्च गुणवत्ता वाले ग्राफिक्स
  1. गर्म हो सकता है और जरूरत से ज्यादा स्याही लग सकता है
  2. स्याही सूखने में अधिक समय लेती है
  3. लेबल सूर्य के प्रकाश या उच्च गर्मी के लंबे संपर्क का सामना नहीं कर सकते
  4. लेबल फीका पड़ जाता है
  5. मरम्मत / प्रतिस्थापन लागत अधिक हो सकती है
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