html kya hai ? HTML काम कैसे करता है और उपयोग क्या है जानिए हिंदी में

HTML kya hai

इस लेख के माध्यम से हम यह जानेंगे कि HTML kya hai (what is HTML in hindi)

वैसे तो कंप्यूटर की भाषा HTML को समझना कठिन होता है और कंप्यूटर विज्ञान के बहुत से विद्यार्थी इस भाषा को अपने सम्पूर्ण स्नातक कर लेने के बाद भी अधूरा सीखे होते है या कुछ तो इस विषय में शून्य ही होते है। हालाँकि यहाँ हम यह घोषणा नहीं करेंगे कि इस लेख के माध्यम से आप सम्पूर्ण HTML को समझ जाएंगे, परन्तु हमारा यहाँ केवल और केवल एक मूल मकसद होगा और वह है HTML क्या होता है यह जानना, हालाँकि यह प्रश्न स्वयं में एक व्यापक प्रश्न है परन्तु फिर भी हम यहाँ HTML को ऊपर ऊपर से समझने का प्रयास करेंगे। आगे हम HTML के विषय में और भी लेख लिखेंगे जिससे आप काफी हद तक HTML भाषा को समझ जाएंगे। 

 तो आइये सबसे पहले समझते हैं कि HTML kya hai ?

HTMLkya hai - what is HTMLin hindi

एक बेहतरीन वेबसाइट बनाने के लिए आपको CSS और javascript का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। इसके बेहतरीन तरीके से अनुपयोग करने के लिए आपको यह जानने की आवश्यकता सबसे अधिक है कि HTML kya hai? उदहारण के लिए एक घर बनाने के लिए जिस प्रकार नींव रखी जाती है उसी प्रकार एक वेबसाइट के निर्माण का आधार भी HTML होता है।

HTML full form kya hai in hindi  – hyper text markup language.

HTML वास्तव में एक कंप्यूटर language है जो आपके वेबसाइट के structure को उसमे प्रयोग किये गए विभ्भिन प्रकार के tag के आधार पर परिभाषित करता है। 

इसे इस प्रकार से भी समझा जा सकता है, जैसे हम मानव जाति का विकास एक चरणबद्ध प्रक्रिया है, शुरुवाती चरण में हम अपने पेट को भरना चाहते थे तो हमने शिकार किया, समय के साथ जब हम शिकार के कार्य में माहिर हो गए तो हमने एक समाज बनाने का निश्चय किया।  समाज बनाने के लिए जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण  तत्व था जो सबको एक दूसरे से बांधे रख सकती थी वह चीज थी भाषा

इसी प्रकार कंप्यूटर के विकास क्रम कहानी में भी भाषा का प्रयोग होगा। वास्तव में कंप्यूटर मशीनीकृत भाषा को ही समझ सकती है, अतः इसकी भाषा हमारी भाषा से अलग है, क्योंकि हम अपनी भाषा में कई शॉर्टकट चीजों को समझ सकते है, परन्तु कंप्यूटर को प्रत्येक चीज को बताना आवश्यक है, यहाँ तक कि उसे कब heading का प्रयोग करना है और कब पैराग्राफ का प्रयोग करना है यह सब चीज बताने की आवश्यकता होती है और इसी भाषा को HTML कहा जाता है। 

HTML का इतिहास kya hai - history of HTML in hindi

आइये हम HTML का विकास क्रम चरणबद्ध तरीके से समझते है :-

HTML 1 को CERN के वैज्ञानिक Tim Berners-Lee ने बनाया था। उनका प्रारंभिक लक्ष्य एक इंटरनेट आधारित hyper text प्रणाली थी जो विभिन्न कंप्यूटरों में दस्तावेजों को साझा करने और उपयोग करने की अनुमति देता है।

1991 में प्रस्तुत, HTML 1 में केवल 18 टैग थे, उनमें से अधिकांश Standard genral markup language  (SGML) पर आधारित थे।

HTML 2 को 1995 में प्रस्तुत किया गया था और इसमें कुछ नयी विशेषताएं थीं। वास्तव में इसमें नए tag को जोड़ा गया।  

HTML 3 के मसौदे को नए बनाए गए टैग के धीमे कार्यान्वयन के कारण छोड़ दिया गया था। 

1997 में, HTML 3.2 जारी किया गया जो उस समय एक मानक बन गया।

HTML 4 एक बड़ा कदम था, क्योंकि इसने स्टाइलिंग को कोडिंग से अलग कर दिया था, जिससे अब CSS को स्टाइलिंग के लिए छोड़ दिया गया।

1999 में HTML 4.01 नामक एक संशोधित संस्करण निकला, जो HTML 4.0 में पाई गई छोटी गलतियों को सुधारता है और कुछ आसान सुविधाओं को पेश करता है।

इसके पश्चात HTML 5 आया। जो इन सबसे आधुनिक और प्रयोग करने में भी सरल था। आइए जानते है HTML 5 के बारे में –

HTML 5 kya hai - what is HTML 5 ?

HTML5 मानक HTML का नवीनतम संस्करण है जो HTML को परिभाषित करता है जिसमें नए तत्व, विशेषताएं और व्यवहार हैं, और प्रौद्योगिकियों का एक बड़ा सेट है जो अधिक विविध और शक्तिशाली वेब साइटों और अनुप्रयोगों के निर्माण की अनुमति देता है। यह कोड वेब पेजों का ही वर्णन करता है परन्तु यह वास्तव में तीन प्रकार का कोड से निर्मित है: HTML, जो संरचना प्रदान करता है; cascading style sheets (CSS), जो presentation का ख्याल रखती हैं; और javascript, जो चीजों को संपन्न करता है।

HTML काम कैसे करता hai - how HTML works in hindi

HTML दस्तावेज़ एक .html या .htm एक्सटेंशन के साथ समाप्त होने वाली फाइलें हैं। फिर आप किसी भी वेब ब्राउज़र (जैसे Google Chrome, Safari, या Mozilla Firefox) का उपयोग करके  आसानी से देख सकते हैं। ब्राउज़र HTML फ़ाइल को पढ़ता है और अपनी सामग्री प्रदान करता है ताकि इंटरनेट उपयोगकर्ता इसे देख सकें।

आमतौर पर, औसत वेबसाइट में कई अलग-अलग HTML पृष्ठ शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए: होम पेज, पेज के बारे में, कॉन्टैक्ट पेज सभी में अलग-अलग HTML डॉक्यूमेंट होंगे।

प्रत्येक HTML पेज में टैग का एक सेट होता है , जिसे आप वेब पेज के बिल्डिंग नींव के रूप में संदर्भित कर सकते हैं। वे एक पदानुक्रम (heirarchy) बनाते हैं जो सामग्री को section, paragraph, heading और अन्य content block में विभाजित करता है।

अधिकांश HTML तत्वों में एक उद्घाटन और समापन होता  तत्व है जो <tag> </ tag> वाक्य रचना का उपयोग करते हैं।

नीचे, आप एक उदाहरण देख सकते हैं कि HTML तत्वों को कैसे संरचित किया जा सकता है:

<div>
<h1>The Main Heading</h1>
<h2>A catchy subheading</h2>
<p>Paragraph one</p>
<img src=“/” alt=“Image”>
<p>Paragraph two with a <a href=“https://example.com”>hyperlink</a></p>
</div>
  • सबसे बाहरी तत्व एक सरल विभाजन है (<div> </ div>) आप बड़ी content section को चिह्नित करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  • इसमें एक heading (<h1> </ h1>), एक subheading (<h2> </ h2>), दो paragraph (<p> </ p>), और एक image (<img>) शामिल है।
  • दूसरे paragraph में एक href विशेषता वाला लिंक (<a>) शामिल है जिसमें एक URL शामिल है। ध्यान दे कि ahref code का इस्तेमाल लिंक के लिए किया जाता है। 
  • image tag में दो प्रकार की विशेषताएं है; src, image के लिए और alt, image description के लिए 

HTML का उपयोग कहाँ किया जाता हैं - uses of HTML in hindi

HTML का उपयोग वैसे तो प्रमुख रूप से वेबपेज के निर्माण में किया जाता है, परन्तु फिर भी हम बहुत से अन्य स्थलों में भी इसके उपयोग देख सकते है। आइये  जानते है इसी प्रकार से 10 विभ्भिन  स्थलों में HTML का प्रयोग –

1. वेबपेज के निर्माण में HTML का उपयोग

HTML का प्रयोग बहुत वृहद् पैमाने पर वेबपेज के निर्माण में किया जाता है।  जो कुछ भी आप वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) में देखते है वह सब के सब HTML से ही बने होते है। प्रत्येक पेज HTML के किसी न किसी प्रकार के मार्कअप tags और hyperlink से बना होता है। अर्थात हमारा सामना world wide web के जिस भी पेज से होता है वह HTML के किसी न किसी संस्करण से निर्मित होता है। 

2. इंटरनेट नेविगेशन के रूप में

इंटरनेट नेविगेशन के रूप में भी HTML का प्रयोग बहुत पहले से ही होता आ रहा है। इंटरनेट नेविगेशन का अर्थ कुछ और नहीं अपितु हमारे वेबपेज के भीतर hyperlink माध्यम से दिए गए “href” लिंक ही होते है। इस प्रकार HTML का प्रयोग इंटरनेट में किसी अन्य जानकारियों या reference को प्रदर्शित करने के लिए  किया जाता है। क्योंकि href भी पूर्ण रूप से HTML से ही निर्मित होता हैं। 

3. गेम डेवलपमेंट में HTML का उपयोग

HTML 5 के उदय से पूर्व गेम डेवलपमेंट के लिए विभ्भिन प्रकार के अन्य कोडिंग program का सहारा लेना पड़ता था इन कोडिंग प्रोग्राम में शामिल थे flash और silverlight.

परन्तु ब्राउज़र के विकास ने इन सब  धूमिल कर दिया और अब चूँकि नया ब्राउज़र अधिक आधुनिक था अर्थात अब के ब्राउज़र HTML5, CSS3 और javascript के मिश्रित कोडिंग कांसेप्ट को स्वीकार्य करते हैं, तो अब flash और silverlight गुजरे ज़माने की बात हो गई। 

4. online writing में HTML का उपयोग

यदि आप एक लेखक है जो अपने कंटेंट ऑनलाइन इंटरनेट पर पब्लिश करते है, तो HTML आपके लिए उपयोगी हो सकता है। क्योंकि HTML आसानी से वेब पर पढ़ा जा सकने वाला language है अतः आपके HTML सीखने से आपको ऑनलाइन लेखन के publishing में काफी सहायता प्रदान होगी।

 हालाँकि वर्डप्रेस ने काफी हद तक HTML सीखने के कार्य पर बाधा उत्पन्न किया है। क्योंकि वर्डप्रेस कोडिंग के किसी भी कार्य को करने से blogger को रोकता है, और इसी कारण लोग HTML सीखने से पीछे हट जाते है। जबकि HTML इन सब का मूल है। 

HTML कैसे सीखे - how to learn HTML in hindi

वैसे HTML सीखने के बहुत से तरीके है, परन्तु यहां सर्वाधिक महत्वपूर्ण तरीको को उल्लेखित किया जा रहा है, जो वास्तव में कारगर है। आइए एक एक क्र जानते है उन विधियों के बारे में –

1. वेब पेज बनाकर

वेब पेज बनाना HTML सीखने का सबसे अच्छा तरीका है। HTML में वेब पेज लिखने के लिए किसी भी जटिल tool की आवश्यकता नहीं है; आप सिर्फ एक text editor और एक वेब ब्राउज़र के साथ इसे शुरू कर सकते हैं। जैसे ही आप अधिक जटिल HTML पर आगे बढ़ते हैं, आप देखेंगे कि कोडिंग के माध्यम से वास्तवकि वेबसाइट बनाना क्या है। इस तरह का अनुभव भविष्य के recruiter के लिए अमूल्य हो सकता है, और आपके द्वारा बनाए गए वेब पेजों का एक पोर्टफोलियो होने से आप नौकरी सुरक्षित कर सकते हैं।

यदि आप इस मार्ग को चुनते हैं, तो एक साधारण पोर्टफोलियो पेज या एक event invitation पेज बनाकर शुरू करें। पहले साधारण HTML पेजों से शुरुआत करें और अधिक जटिल HTML और CSS कोड तक अपना काम करें।

2. HTML tutorial के माध्यम से

एक ऑनलाइन ट्यूटोरियल का अनुसरण करने से आपको HTML के मूल सिद्धांतों को सीखने में मदद मिल सकती है, क्योंकि इस तरह के ट्यूटोरियल अक्सर सरलता पूर्वक अपने कोडिंग पहलुओं को समझने हेतु कई भागो में टूटे होते है , जिनमें से प्रत्येक को एक एक करके समझाया जाता है। HTML को इस तरह से सीखने पर भ्रम की स्थिति कम होती है।

लेकिन यहां एक अतिरिक्त टिप दे रहा हूँ : एक ट्यूटोरियल का पालन करते समय, अंतिम उत्पाद को ट्यूटोरियल में निर्दिष्ट सटीक परिणाम से अलग बनाने की कोशिश करें ताकि आप इसे लाइन-बाय-लाइन कॉपी न करें। theories के माध्यम से सोचने और उन्हें अपने तरीके से काम पर लागू करने से आपको भाषा को समझने में मदद मिलेगी।

3. किताबो के माध्यम से

कहा जाता हैं कि दुनिया में ऐसी कोई भी चीज नहीं हैं जिसके विषय में किताब न लिखी गई हो, फिर यह तो HTML है , जो युवाओ में खासी लोकप्रिय है और तकनीक प्रेमियों के लिए तो जीवनामृत है, अतः ऐसे में इस विषय में किताब मिलना काफी आसान है। 

4. ऑनलाइन सीखे

ऑनलाइन सीखने से अर्थ है इंटरनेट में उपलब्ध विभ्भिन वेबसाइट से जिनमे विशेष रूप से कोडिंग के विषय में लेख लिखे जाते है। ऐसे बहुत से वेबसाइट इंटरनेट में उपलब्ध है।

वर्तमान में व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से अपनी कोडिंग में आ रही परेशानियों के विषय में सर्च करता है और उपयुक्त ब्लॉग में इसकी जानकारी मिल भी जाती है।  वास्तव में इंटरनेट ज्ञान का एक बहुत व्यापक स्त्रोत है, जहाँ कोडिंग के विषय में अनेको जानकारियां मिल जाती है। 

5. यूट्यूब से सीखे

यूट्यूब का चलन वर्तमान समय में बहुत ज्यादा है, विशेषकर भारत में तो ऐसा ही है। और इस चलन के चलते ही बड़े बड़े programmers अपने कोडिंग के ज्ञान को शेयर करने के नाम से यूट्यूब में अपना निजी चैनल बनाकर अपने tutorial वीडियोस शेयर कर रहे है। 

ऐसे में यूट्यूब HTML सीखने का एक बहुत बेहतरीन माध्यम हो सकता है, इसमें आप वीडियो के माध्यम से काफी आसानी से कोडिंग का ज्ञान पा सकते है। और फिर अपने कम्प्यूटर पर इस विषय को प्रायोगिक रूप से सिद्ध कर सकते है। इस प्रकार आप काफी आसानी से एक बहुत शानदार तरीके से कोडिंग सीख सकते है।  

अंतिम शब्द : HTML kya hai

इस लेख के माध्यम से हमने HTML पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।  कोडिंग एक ऐसा विषय है जिसे आपको सीखने में बरसो लग सकते है, परंतु फिर भी आप इसे पूर्णतः तो नहीं ही समझ पाएंगे, कुछ न कुछ ऐसा बच ही जाएगा जो आपने न सीखा हो या जो कि तात्कालिक रूप से अपडेट हुआ हो। 

HTML के विषय में हम आगे भी लेख लिखेंगे, फिरहाल इस लेख के विषय में आपकी प्रतिक्रिया जानने के लिए जिज्ञासु हूँ। 

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