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गेस्ट ब्लॉग क्या होता है? इसे कैसे करते है? इसके लाभ क्या है और इससे SEO पर क्या प्रभाव पड़ता है?

गेस्ट ब्लॉग क्या होता है ?

इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि गेस्ट ब्लॉग क्या होता है ?

वर्तमान समय में ब्लॉगिंग एक ऐसा व्यवसाय बन चुका है जिसके माध्यम से बहुत से लोगों को अपनी रोजी रोटी कमाने का अवसर प्राप्त हुआ। केवल सस्ता इंटरनेट और अभिव्यक्ति की आजादी ही वह पहलू नहीं है जो हमें ब्लॉगिंग करने के लिए आकर्षित करती है, अपितु इस क्षेत्र में अभी भी ऐसी अपार संभावनाएं हैं जो निरंतर तलाशी जा रही है। 

ब्लॉगिंग से संबंधित ऐसे बहुत से पहलू अभी भी मौजूद है जिन्हें आम पाठकों तक नहीं पहुंचाया जा सका है और कुछ पहलू तो ऐसे भी है जो इंटरनेट पर मौजूद है परंतु फिर भी वे लोगों को समझ नही आती है इनमें से एक महत्वपूर्ण चीज है गेस्ट ब्लॉग (guest blog), और आज इस लेख “गेस्ट ब्लॉग क्या होता है” के माध्यम से हम गेस्ट ब्लॉग के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। जिसके बाद आपको इस विषय में किसी भी प्रकार की कोई भी शंका नहीं बचेगी।

वर्तमान समय में कोई भी व्यक्ति यदि व्यवसाय कर रहा है तो उसे अपने प्रोडक्ट को लेकर मार्केटिंग करने की आवश्यकता होती है और मार्केटिंग के संदर्भ में वह इंटरनेट और सोशल मीडिया की अहमियत को नहीं नकार सकता है। अतः उसे मार्केटिंग के लिए अपने प्रोडक्ट के बारे में आम लोगों को जानकारी देने के लिए ब्लॉग बनाने की आवश्यकता होती है। 

इस प्रकार वह व्यक्ति अपने उत्पाद को अपने वेबसाइट में किसी ब्लॉग के माध्यम से प्रदर्शित कर सकता है परंतु उसकी वेबसाइट, जो कि अभी नई नई बनी हुई है, इस पर ट्रैफिक आने की गुंजाइश कुछ कम होती है ऐसे में गेस्ट ब्लॉगिंग काम आता है।

आइए अब हम जानते हैं कि यह गेस्ट ब्लॉग होता क्या है? 

विषय-सूची

गेस्ट ब्लॉग क्या होता है? What is guest blog in Hindi

किसी अन्य व्यक्ति को अपनी वेबसाइट पर एक अतिथि लेखक के रूप में बुलाकर उससे ब्लॉग लिखवाना और उसे अपनी ही वेबसाइट पर प्रकाशित करने की प्रक्रिया को ही गेस्ट ब्लॉगिंग कहते हैं।

इस प्रकार वह व्यक्ति जिसे अतिथि के रुप में बुलाया गया है उसे गेस्ट ब्लॉगर कहते हैं और उसके द्वारा लिखे गए लेख को गेस्ट ब्लॉग या गेस्ट पोस्ट की संज्ञा दी जाती है।

वैसे तो आप सब जानते हैं कि बैकलिंक बनाने के बहुत से तरीके मौजूद हैं परंतु फिर भी गेस्ट ब्लॉगिंग को बैकलिंक बनाने का सबसे उत्तम तरीका माना जाता है। rइसके पीछे मुख्य कारण यह है कि आप जिस भी वेबसाइट के लिए गेस्ट ब्लॉगिंग करते हैं वह सामान्य तौर पर आपके द्वारा लिखे गए गेस्ट आर्टिकल कर आपको एक dofollow backlink प्रदान करता है।

आप सब जानते हैं कि एक बेहतरीन वेबसाइट से dofollow backlink प्राप्त करना कितना कठिन कार्य होता है। परंतु गेस्ट ब्लॉगिंग के माध्यम से यह कार्य बहुत सरलता से किया जा सकता है।

यहां आपको एक बात पर ध्यान देना चाहिए कि गेस्ट ब्लॉग लिखने से आपको एक dofollow backlink तो मिलता है, इसके साथ-साथ आपको किसी बड़े वेबसाइट के ब्लॉगर के साथ संबंध स्थापित होता है, साथ ही उस वेबसाइट के नियमित पाठकों को आप के विषय में जानकारी प्राप्त होती है इससे आपके वेबसाइट पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे उस वेबसाइट के कुछ पाठक उस बैंकलिंक के माध्यम से आपके वेबसाइट तक पहुंचते हैं और आपके वेबसाइट के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं इससे आपकी वेबसाइट की ट्रैफिक बढ़ती है साथ ही dofollow backlink होने की वजह से आपकी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी भी बढ़ जाती है।

अब चूँकि हम जान गए है कि गेस्ट ब्लॉग क्या होता है तो आइए अब हम जानते है कि गेस्ट ब्लॉग के उद्देश्य क्या है ?

गेस्ट ब्लॉग के उद्देश्य क्या है? Aim of guest blog in hindi

वैसे तो गेस्ट ब्लॉग का मुख्य उद्देश्य बैकलिंक प्राप्त करना होता है परंतु वर्तमान समय में गेस्ट ब्लॉग केवल बैकलिंक तक सीमित नहीं है अपितु इसके बहुत सारे उद्देश्य देखने को मिलते हैं जैसे कि –

  1. बैकलिंक निर्मित करना
  2. अन्य कंपनी के मालिक से अपना संबंध स्थापित करना
  3. अपने वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी का निर्माण करना
  4. Dofollow बैकलिंक प्राप्त करना
  5. वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाना
  6. नए पाठको से रूबरू होना
  7. अपने कार्यक्षेत्र में वृद्धि करना
  8. अपने वेबसाइट का SEO करना
  9. अपने वेबसाइट का Revenue बढ़ाना
  10. Google को संकेत देना कि आपकी वेबसाइट की कुछ authority है।
  11. सर्च इंजन को अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दिखाना। 
  12. अपने सोशल मीडिया followers को बढ़ाना।
  13. अपने बिज़नेस की पहचान को build up करना।  

इस प्रकार गेस्ट ब्लॉग के बहुत सारे उद्देश्य है उपरोक्त सभी उद्देश्य आपको किसी न किसी रूप में लाभ प्रदान करते हैं।

एक बात तो कही जा सकती है कि गेस्ट ब्लॉगिंग प्रत्यक्ष रूप से हमारे डोमेन अथॉरिटी को बढ़ाती है और डोमेन अथॉरिटी का बढ़ने का सम्बन्ध सीधे आपके SEO को बेहतर करने से है। परंतु आप सोच रहे होंगे कि गेस्ट ब्लॉगिंग के माध्यम से SEO पर कैसे कोई प्रभाव पड़ता होगा?

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नीचे हम इसी विषय पर बात कर रहे हैं कि गेस्ट ब्लॉग का इस पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइए देखते हैं –

गेस्ट ब्लॉग और उसका SEO पर प्रभाव क्या है? effect of guest blog in SEO

जैसा कि आप सब जानते हैं कि गेस्ट ब्लॉग केवल अपने लेख को किसी अन्य वेबसाइट पर अतिथि के रूप में प्रकाशित करना ही नहीं होता अपितु इस लेख में हमारे द्वारा अपने वेबसाइट की लिंक को भी रखा जाता है। यह सामान्य लिंक नहीं होता जबकि एक dofollow backlink होता है। 

आपके वेबसाइट का Dofollow backlink किसी article पर होने से SEO पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। इसे समझने के लिए हमे SEO के अर्थ को समझना होगा। 

SEO को यदि संक्षिप्त भाषा में बताए तो इसका अर्थ अपने वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज (Search Engine Optimize) करना होता है। अर्थात अपने वेबसाइट को गूगल, याहू या इसी प्रकार के सर्च इंजन हेतु अनुकूल बनाना ही SEO कहलाता है।

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अब यदि हम ध्यान दें कि SEO के अंतर्गत कौन कौन से कारक (factors) आते हैं तो उनकी सूची में backlink सर्वप्रथम स्थान धारण करता है। इसका कारण यह है कि जब कभी हम अपने वेबसाइट का backlink किसी अन्य वेबसाइट पर छोड़ते हैं और जब गूगल या कोई भी सर्च इंजन अपने crawler के मदद से उस कंटेंट को crawl करता है तो कंटेंट में मौजूद बैकलिंक को भी वह जांचता है।

अब यदि उस बैकलिंक का code dofollow में सेट रहता है तो गूगल crawler उस लिंक के भीतर प्रवेश करता है इसका अर्थ है कि किसी अन्य वेबसाइट से गूगल को यह संकेत मिल रहा है कि वह आपके वेबसाइट पर भी इस बैकलिंक के माध्यम से जा सकता है।

इसका साफ-साफ अर्थ है कि यदि आपने किसी बड़े वेबसाइट पर गेस्ट ब्लॉग के माध्यम से बैकलिंक छोड़ा हुआ है तो गूगल को उतना ही अधिक सकारात्मक संकेत मिलेगा जिससे आपकी डोमेन अथॉरिटी में वृद्धि होगी।

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तो इस प्रकार से गेस्ट ब्लॉगिंग का सीधा प्रभाव हमारे वेबसाइट के SEO पर पड़ता है। क्योंकि guest blogging अपने वेबसाइट को ऑनलाइन मार्केट में पहचान दिलाने का एक जबरदस्त तरीका है।

तो अब चूँकि आप जान चुके है कि गेस्ट ब्लॉग का SEO पर क्या प्रभाव होता है परन्तु अब आपके मन में यह प्रश्न आ रहा होगा कि क्या गेस्ट ब्लॉग करना जरूरी होता है ? 

क्या गेस्ट ब्लॉग करना जरूरी होता है? Importance of guest blog in hindi

गेस्ट ब्लॉगिंग हमारे ब्लॉगिंग क्षेत्र में अपनी ऑनलाइन पहचान बढ़ाने के लिए एक आवश्यक पहलू है। बहुत से ब्लॉगर्स अब भी गेस्ट ब्लॉगिंग पर ज्यादा ध्यान न देकर केवल अपना कंटेंट क्रिएट करते रहते हैं और इसका खामियाजा उन्हें वक्त के साथ भुगतना पड़ता है जब उनकी डोमेन अथॉरिटी दूसरे वेबसाइट्स की तुलना में कम हो जाती है।

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Guest blogging किसी भी छोटे या बड़े ब्लॉगर के लिए व्यापक महत्व रखता है। इसकी सहायता से आप एक ब्लॉगर के रूप में किसी दूसरे वेबसाइट पर अपने अनुभव को साझा कर सकते हैं साथ ही अपने क्षेत्र का विशिष्ट ज्ञान प्रस्तुत कर सकते हैं इससे आप दूसरे लोगों के सामने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ नजर आते हैं।

इसके साथ ही आप संपूर्ण इंटरनेट में अपनी पहचान बनाते जाते हैं और अन्य bloggers ,व्यवसाई और डिजिटल सामाजिक संस्थानों के साथ अपना संबंध स्थापित करते जाते हैं। इसके साथ ही आप अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों से भी संबंध बनाते जाते हैं यह आपके और आपके वेबसाइट के लिए नए पाठकों को जोड़ने का काम करता है अर्थात आप अपने यदि इस संक्षिप्त में कहूं तो आप अपने वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाते जाते हैं।

इस प्रकार गेस्ट ब्लॉगिंग करने से आपके ब्लॉगिंग रेपुटेशन पर बहुत बेहतरीन प्रभाव पड़ता है, जहां आप एक तरफ नए पाठकों को अपनी वेबसाइट तक लाते हैं वही दूसरी ओर आप स्वयं काआइडेंटिटी भी पूरी दुनिया के सामने लाते हैं।

इसके अलावा यदि आप अपने वेबसाइट पर गेस्ट ब्लॉगिंग करवाते हैं तो इसके भी बहुत से लाभ देखने को मिलते हैं। जब आप किसी अन्य लेखक को अपनी वेबसाइट पर अतिथि लेखक के रुप में आमंत्रित करते हैं तो आप अपने पाठको को एक नए प्रकार का लेखन दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हैं, साथ ही अतिथि द्वारा लिखे गए नए प्रकार के कंटेंट को देखकर आपके पाठक भी कुछ freshness महसूस कर सकते हैं।

आपने स्वयं देखा होगा जब आप लेख लिखते हैं तो वह एक निश्चित दायरे तक सीमित होता है। उसकी पहुंच एक समय के बाद एक सीमित क्षेत्र तक ही रह जाती है परंतु जब आप किसी अतिथि को अपने ब्लॉग पर गेस्ट ब्लॉगिंग लिखने के लिए बुलाते हैं तो ऐसी स्थिति में आप स्वयं पाते हैं कि किसी एक विषय की व्यापकता कितनी अधिक हो सकती है। तो गेस्ट ब्लॉगिंग आपके विचारों में संशोधन की भी एक प्रक्रिया होती है।

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इसके साथ ही जब आप अपने वेबसाइट को गेस्ट ब्लॉगिंग के लिए खोल देते हैं तो विभिन्न क्षेत्र के अतिथि आपके वेबसाइट के लिए लेख लिखने हेतु आमंत्रित होते हैं और इससे आपका समय, ऊर्जा तथा व्यय तीनों में कमी आता है क्योंकि यदि गेस्ट ब्लॉगर आपके लिए लेख लिखता है तो इससे आपको अपने वेबसाइट पर उस वक्त लेख लिखने की आवश्यकता नहीं रह जाती लेख पर लगने वाला खर्च भी जीरो होता है और उस समय पर आप अपने वेबसाइट के अन्य कार्यों को भी निपटा सकते हैं इस प्रकार आपके पास समय ऊर्जा और पैसा तीनों की बचत हो जाती है।

अब आप जान चुके है कि गेस्ट ब्लॉग करना जरूरी है, अब अगला प्रश्न आता है कि गेस्ट ब्लॉग करने की विधि क्या है ? 

गेस्ट ब्लॉग कैसे करे? | how to start guest blog step by step in hindi

किसी भी कार्य को आरंभ करने से पहले हमें उसका एक कच्चा प्रारूप अवश्य बना लेना चाहिए इससे होता यह है कि हमें अपने कार्य को करने की एक सही रणनीति प्राप्त होती है।

जब कभी हम गेस्ट ब्लॉगिंग जैसा कार्य करते हैं तो यहां महत्वपूर्ण बात यह होती है कि आप अपने वेबसाइट के लिए नहीं अपितु किसी अन्य के वेबसाइट के लिए अतिथि के रूप में लेख लिख रहे हैं। अर्थात यहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

किसी भी प्रकार की त्रुटि आपके ब्लॉगिंग कैरियर पर एक दाग लगा सकती है क्योंकि यहां सभी प्रोफेशनल ब्लॉगर होते हैं। आप जिस भी वेबसाइट के लिए कंटेंट तैयार कर रहे हैं उस वेबसाइट के सभी मानकों (स्टैंडर्ड) को ध्यान में रखकर अपने लेख को बनाना चाहिए।

अपने niche से संबंधित वेबसाइट पर अतिथि लेखन करना सबसे सौभाग्यशाली कदम होता है क्योंकि यहां से आप उन सभी नए पाठकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते है, जो आपके niche से संबंधित हो।

हालांकि एक सफल गेस्ट ब्लॉगर बनने के लिए आपका रिसर्च वर्क बहुत बेहतरीन होना चाहिए। क्योंकि गेस्ट ब्लॉगिंग का अर्थ केवल लेख को लिख देना नहीं होता है बल्कि आपको यहां अपने कंटेंट को हाई क्वालिटी से सजाना पड़ता है अर्थात आपको क्वालिटी कंटेंट प्रदान करना होता है। क्वालिटी कंटेंट के विषय में अधिक जानकारी के लिए यह लेख पढ़ें।

तो गेस्ट ब्लॉग प्रारंभ करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरना पड़ेगा –

1. अपना niche पहचाने

गेस्ट ब्लॉगिंग करने से पूर्व हमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य जो करना होता है वह है अपने niche को पहचानना।

अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें नया क्या है? क्योंकि आप तो अपने वेबसाइट के niche को अच्छे से पहचानते हैं।

जी आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं, परंतु वास्तव में यह चीज इतना आसान भी नहीं है! क्योंकि हम एक वेबसाइट में अनेक लेख लिखते हैं मैं आपसे पूछता हूं क्या सभी लेखों को लिखते वक्त आप एक सा महसूस करते हैं?

इसका उत्तर नहीं में होगा, क्योंकि हो सकता है कोई लेखक स्वयं को मार्केटिंग से संबंधित लेखों को लिखने में ज्यादा Comfortable महसूस करते होंगे, वहीं कुछ लेखक स्वयं को SEO में ज्यादा कंफर्टेबल पाते होंगे। कुछ लेखक तो ऐसे भी होते हैं जिन्हें कहानियां और कविताएं लिखने में ज्यादा रुचि होती है। परंतु मजबूरी वश उन्हें अन्य क्षेत्रों के लेख भी लिखना पड़ता है। क्योंकि उन्हें अपने वेबसाइट पर लेख की मात्रा बढ़ानी होती है इस कारण उन्हें अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना ही पड़ता है।

परंतु गेस्ट ब्लॉगिंग में आप ऐसा नहीं कर सकते गेस्ट ब्लॉगिंग में आपको अपने कंफर्ट जोन में ही रहना चाहिए। Comfort zone से मेरा अर्थ है कि आप उन्हीं niche पर गेस्ट ब्लॉगिंग करें जिसमें आपकी रुचि हो।

मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब आप किसी कार्य को अपने कंफर्ट जोन में रहकर करेंगे तो उस पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं हालांकि लोग कहते हैं कि अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर कार्य करना चाहिए परंतु गेस्ट ब्लॉगिंग में यह सिद्धांत कार्य नहीं करता।

अतः स्पष्ट शब्दों में कहूं तो गेस्ट ब्लॉगिंग करने से पूर्व आपको अपने वास्तविक niche को पहचानना चाहिए। niche के विषय में अधिक जानकारी के लिए यह लेख पढ़े। 

2. अपने Niche से संबंधित blogging वेबसाइट खोजे और उनसे गेस्ट ब्लॉगिंग के संदर्भ में आग्रह करे

जब आप अपने niche को पहचान लेते हैं उसके बाद जो कार्य आता है वह है उस niche से संबंधित वेबसाइट की तलाश करना।

यह एक बड़ा थका देने वाला कार्य है क्योंकि आपको अपने niche से संबंधित वेबसाइट खोजने में तो ज्यादा कठिनाई नहीं आएगी क्योंकि आप अपनी niche से संबंधित किसी keyword को गूगल सर्च करेंगे और आपके सामने बहुत सारे वेबसाइट आ जाएंगे।

परंतु कठिनाई तब आती है जब आप पाते हैं कि इनमें से बहुत सारी वेबसाइट गेस्ट ब्लॉगिंग स्वीकार नहीं करते है।

इससे होता यह है कि आपको फिर दूसरे वेबसाइट पर जाना होता है और पुनः जांच करनी होती है कि वह वेबसाइट गेस्ट ब्लॉग्गिंग स्वीकार करते है या नहीं!! और यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक आप उस वेबसाइट तक नहीं आ जाते जो आपके niche से भी संबंधित है और गेस्ट ब्लॉगिंग भी स्वीकार करती है।

कीवर्ड सर्च करने में आपको यदि तकलीफ का सामना करना पड़ता है तो हमारे एक लेख “कीवर्ड्स रिसर्च tools” अवश्य पढ़े। 

तो इस कठिनाई से कैसे बाहर निकले? इसके लिए आप guest blogging से संबंधित प्रसिद्ध तरीके को अपना सकते हैं। इस तरीके के अनुसार आपको अपना niche लिखना होता है और उसके साथ गेस्ट ब्लॉगिंग अथवा write for us जोड़ देना होता है, और ऐसा करके गूगल सर्च करना होता है।

अर्थात मान लीजिए मैं गेमिंग से संबंधित गेस्ट ब्लॉगिंग करना चाहता हूं। इसके लिए मुझे गूगल पर ऐसे website जो गेमिंग से संबंधित गेस्ट ब्लॉग स्वीकार करते हो, को तलाशना होगा। इसीलिए मैं गूगल पर यह लिख कर सर्च करूंगा – 

  • गेमिंग + गेस्ट ब्लॉग
  • गेमिंग + write for us
  • Gaming in hindi guest blog

इस प्रकार से आप आसानी से अपने niche से संबंधित वेबसाइट को खोज सकते हैं जो गेस्ट ब्लॉगिंग भी स्वीकार करते हैं।

अब जैसे ही आप उस वेबसाइट को पा लेते हैं जो गेस्ट ब्लॉगिंग स्वीकार करता है और आपके niche से भी संबंधित है तो अब आपको उन सभी वेबसाइट्स के ईमेल आईडी को तलाशना होता है।

ईमेल आईडी आपको वेबसाइट के संपर्क पृष्ठ से प्राप्त हो जाता है। और अब आप गेस्ट ब्लॉगिंग के उस पड़ाव पर है जहां आपको सबसे प्रमुख कार्य करना है और वह है गेस्ट ब्लॉगिंग करने हेतु उचित रूप से आग्रह करना।

ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैंने बहुत से लोगों को देखा है जो हड़बड़ी में गेस्ट ब्लागिंग के लिए मेल कर देते है जिसका उन्हें प्रत्युत्तर नही मिलता है, और मेरे खुद के वेबसाइट के ईमेल पर ऐसे बहुत से मेल पड़े हुए हैं जिसमे लोग unofficial तरीके से गेस्ट ब्लॉगिंग के लिए request किए हुए हैं।

मतलब साफ है कि आपको यहां professionalism दिखाना आवश्यक है, क्योंकि आप यदि लापरवाही में मेल भेजते हैं तो याद रखें कि आपसे पहले भी कई लोगों ने आपसे बेहतरीन तरीके से मेल किया होगा। अतः लापरवाह तरीके से भेजा गया मेल आपके गेस्ट ब्लॉगिंग के आवेदन को अस्वीकार कर सकता है साथ ही आपके छवि को भी बर्बाद कर सकता है।

मैं इस कार्य को करने के लिए आपको ई-मेल का एक प्रारूप दिखाता हूं जो कि कुछ इस प्रकार होगा –

इस प्रकार से मेल भेज कर आपको शायद कुछ घंटों या एक-दो दिन का इंतजार करना है। जिसके बाद आपको सामने से एक रिप्लाई मिलेगा जिसमें वे लिखे रहते हैं की उन्हें गेस्ट ब्लॉगिंग का प्रस्ताव स्वीकार है। 

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अब अगला चरण आता है जिसमें आपको एक हाई क्वालिटी कंटेंट का निर्माण करना होता है।

3. एक high quality कंटेंट निर्मित करे

एक quality कंटेंट कैसे लिखा जाता है? यह ब्लॉगिंग के क्षेत्र का एक सामान्य सा प्रश्न है। कुछ लोग इसका उत्तर ब्लॉगिंग कैरियर आरंभ करने से पूर्व ही जान लेते हैं तो कुछ अपने ब्लॉगिंग कैरियर के दौरान एक क्वालिटी कंटेंट बनाने की विधि को सीखते हैं।

हालांकि बेहतर यह माना जाता है कि आप ब्लॉगिंग कैरियर आरंभ करने से पहले ही क्वालिटी कंटेंट के विषय में अच्छी जानकारी रखें।

यदि आपको निबंध लिखना अच्छा लगता है या आप पढ़ने और लिखने में अत्यधिक रुचि रखते हैं तो एक क्वालिटी कंटेंट बनाने में आपको बहुत अधिक समस्या नहीं जाएगी। तब वास्तव में यह आपके लिए बहुत ज्यादा आसान होगा।

परंतु यदि आपका लेखन से दूर का वास्ता नहीं है तो शायद यहां आपको समस्या हो सकती है। आइए कुछ स्टेप्स को समझते हैं जिसके माध्यम से एक क्वालिटी कंटेंट को निर्मित किया जाता है।

एक क्वालिटी कंटेंट बनाना बहुत अधिक जटिल कार्य नहीं है सबसे पहले आपको अपने कीवर्ड से संबंधित तत्वों का रिसर्च करना होता है। यह एक क्वालिटी कंटेंट बनाने का सर्वप्रथम चरण है जिसमें आप शोध कार्य (research) करते हैं।

इस शोध कार्य का आप एक अच्छा प्रारूप बनाते हैं ताकि भविष्य में आपको जरूरत पड़ने वाले सभी डेटा का प्रयोग आप इसके माध्यम से कर सकें।

जैसे ही आप अपना शोध कार्य पूर्ण करते हैं तो आपका द्वितीय चरण आरंभ होता है जो होता है लेखन।

इस चरण में आपको अपने शब्दों में उस कीवर्ड के संदर्भ में सभी जानकारियों को प्रस्तुत करना होता है। हां अब यहां पर मुद्दा यह है कि आप किस प्रकार के शब्दों का चयन करते हैं। यदि आपके पाठक वर्ग शुद्ध हिंदी पसंद करते हैं तो उन्हें इसी प्रकार का कंटेंट प्रस्तुत करना ज्यादा बेहतर होता है।

परंतु यदि आपके पाठक वर्ग हिंदी अंग्रेजी mix content की मांग करते हैं तो आपको वैसे ही content प्रस्तुत करना चाहिए। यहां आपको यह नहीं देखना चाहिए कि आपको किस प्रकार की भाषा में लेख लिखना ज्यादा रुचिकर लगता है!! जबकि आपको यह देखना चाहिए कि आपके पाठक किस प्रकार के लेख से अधिक आकर्षित होते हैं। क्वालिटी कंटेंट के विषय में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को पढ़े – “quality content क्या होता है ?

यह कार्य करने के बाद आपको उस लेख का SEO करना होगा, जो कि अगला चरण होता है।

4. लेख का SEO करे

मैंने अधिकांशतः पाया है कि लोग गेस्ट ब्लॉगिंग के दौरान किसी भी प्रकार का SEO करने से बचते हैं या कुछ लोग बहुत ही nominal SEO करते हैं।

लोगों को यह लगता है कि हमारा काम केवल गेस्ट ब्लॉग प्रदान करना है, अर्थात केवल लेख लिखो और प्रेषित कर दो!!

परंतु क्या आप जानते हैं यदि आपने अपने गेस्ट ब्लॉगिंग वाले लेख पर कोई dofollow बैकलिंक छोड़ा हुआ है तो इसका महत्व तभी ज्यादा होगा जब उस particular article का SEO अच्छा हो।

तो केवल लेख लिखकर प्रेषित कर देना किसी भी मामले में उचित नहीं होता है क्योंकि यदि आपको अपने बैकलिंक का महत्व बढ़ाना है तो आपको उस आर्टिकल का अच्छा खासा SEO भी रखना चाहिए।

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इस तथ्य के पीछे एक अन्य पहलू यह भी है कि जब आप किसी गेस्ट ब्लॉग को fully SEO करके भेजते हैं तो इस आर्टिकल का गूगल के प्रथम पोजिशन पर आने का संभावना बहुत अधिक बढ़ जाता है।

और आपके गेस्ट ब्लॉग का गूगल के प्रथम पोजीशन पर आने से आपको भी लाभ मिलेगा, क्योंकि प्रथम पेज पर आने का अर्थ है अधिक से अधिक ट्रैफिक आना। अधिक से अधिक ट्रैफिक आने का अर्थ है कि आपके बैकलिंक पर अधिक से अधिक clicks का होना।

आपके बैकलिंक पर जितनी ज्यादा clicks पड़ेगी आपकी वेबसाइट पर भी उतनी ज्यादा ट्रैफिक आएगी। इसके साथ ही यदि आप किसी ऐसे पेज से बैकलिंक प्राप्त कर चुके हैं जो कि गूगल के पहले पायदान पर है तो आपके डोमेन अथॉरिटी को भी जबरदस्त बूस्ट मिल सकता है।

अतः हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि जब कभी आप किसी अन्य वेबसाइट को अपना केस्ट ब्लॉक प्रेषित कर रहे हैं तो वह fully SEO हो।

5. dofolllw link add करे

आपने अपना लेख भी लिख लिया और उसका अच्छा खासा SEO भी कर लिया है। अब समय है अपना dofollow link उस आर्टिकल पर रखने का।

इस चरण पर आप जरूर सोच रहे होंगे कि एक dofollow बैकलिंक तो किसी भी प्रकार से रखा जा सकता है इसमें कोई विशेष ध्यान देने वाली बात तो नहीं है परंतु यह थ्योरी बिल्कुल गलत है।

जब कभी भी आप अपने गेस्ट ब्लॉग पर dofollow बैकलिंक रखने का प्रयास करते हैं तो यहां पर आपको विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। क्योंकि वास्तव में किसी भी लेख पर बैकलिंक रखने का एक निश्चित सिद्धांत होता है।

नील पटेल जो कि ubersuggest के संस्थापक है, के अनुसार, बैकलिंक बनाने का सिद्धांत कुछ इस प्रकार से कार्य करता है :- “यदि आपने कीवर्ड से संबंधित बैकलिंक बनाया है तो सर्च इंजन द्वारा इसे अधिक मान्यता प्राप्त किया जाएगा।”

इसे यदि मैं आपको आसान भाषा में समझाऊं तो मान लीजिए कि आपने गेस्ट ब्लॉगिंग निम्नलिखित कीवर्ड पर किया है “मोबाइल से पैसे कैसे कमाए”। 

अब इस प्रकार के लेख में यदि आप मोबाइल कीवर्ड से मिलता-जुलता बैकलिंक रखेंगे तो इसका प्रभाव अन्य बैकलिंक की तुलना में अधिक रहेगा। चूँकि जिस विषय पर आपने लेख लिखा है आपका बैकलिंक भी उस विषय से संबंधित ही है। 

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इसका एक पहलू यह भी होता है कि उस लेख को पढ़ने वाले पाठक उस लेख से संबंधित कुछ अन्य तथ्यों को आपके बैकलिंक के माध्यम से जानेंगे। और साथ ही गूगल भी इन सब चीजों को नोटिस करता हैं।

अतः मेरा सुझाव यही है कि आप जब भी गेस्ट ब्लॉगिंग करे तो अपने बैंकलिंक का चुनाव काफी सोच विचार कर करे।

6. Author bio जोड़े

उपरोक्त सभी कार्य को करने के पश्चात आपको अपने लेख के अंत में एक author bio रखना चाहिए। हालांकि यह इस बात पर पूर्ण रूप से निर्भर करता है कि सामने वाला व्यक्ति आपके author bio को प्रकाशित करने हेतु राजी है या नहीं।

क्योंकि यह पाया गया कि बहुत से वेबसाइट के मालिक अपने वेबसाइट पर किसी अन्य लेखक को प्रदर्शित नहीं करते है। इसका मुख्य कारण कुछ भी हो सकता है परंतु आपको अपने गेस्ट आर्टिकल पर अपना एक author bio रखना ही चाहिए, भले ही इसे वह वेबसाइट मालिक स्वीकार करें या ना करें।

एक author bio में आप से संबंधित वह सभी चीजें होनी चाहिए जिसकी सहायता से व्यक्ति को आपके प्रोफेशनल जीवन के विषय में जानकारी प्राप्त हो पाए। उदाहरण के लिए एक author bio में निम्नलिखित चीजे होनी चाहिए – 

  1. आपका नाम
  2. आपका ज्ञान क्षेत्र (स्नातक/डिग्री)
  3. आपकी वेबसाइट
  4. आपका व्यवसाय ( जैसे freelancer/ लेखक/ SEO expert इत्यादि)
  5. आपका सोशल मीडिया प्रोफाइल का पता इत्यादि।

इस प्रकार आप जितने ज्यादा किसी पाठक के लिए पारदर्शिता दिखाएंगे आपके पाठक उतने अधिक ही आपके साथ जुड़ा महसूस करेंगे।

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7. अपने लेख को मेल के माध्यम से भेज दे

अब क्योंकि आपने अपने गेस्ट ब्लॉगिंग का कार्य संपन्न कर लिया है तो इसे मेल के माध्यम से प्रेषित करना ही शेष रह जाता है।

अपने ईमेल के माध्यम से जब कभी भी आप अपने गेस्ट ब्लॉग को प्रेषित करें तो उस पर यह भी लिखे कि आपने किस कीवर्ड के लिए आर्टिकल को निर्मित किया है और यह किन-किन कीवर्ड्स के लिए अधिक कारगर होगा। ऐसा करने से सामने वाले पार्टी को उस लेख का SEO title रखने मैं बहुत अधिक आसानी होगी और साथ में वाह आपके लेख का focus keyword भी जान पाएगा।

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8. प्रकाशन होने तक इंतजार करे

एक बार आपके द्वारा गेस्ट ब्लॉगिंग को मेल के माध्यम से प्रेषित करने के पश्चात आपको एक लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि सामने वाली पार्टी को भी आपके लेख की जांच करनी होती है।

और जब तक सामने वाली पार्टी इस बात पर संतुष्ट नहीं हो जाती कि आपके द्वारा लिखा गया कंटेंट unique है तब तक वह आपके कंटेंट को प्रकाशित करने से बचेगा अतः आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है इस काल में आप अपने वेबसाइट पर ध्यान दे सकते हैं और साथ ही किसी अन्य वेबसाइट के लिए गेस्ट ब्लॉगिंग पर कार्य कर सकते हैं।

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गेस्ट ब्लॉग पोस्ट करने हेतु कुछ आवश्यक सिद्धांत क्या है ? theory related to guest blogging in hindi

जिस प्रकार ब्लॉगिंग करने के लिए बहुत सारे सिद्धांत होते हैं उसी प्रकार गेस्ट ब्लॉगिंग करने हेतु भी सिद्धांतों की एक सूची है।

हमने गेस्ट ब्लॉगिंग से संबंधित कुछ आवश्यक तथ्यों को जोड़कर कुल 5 बेसिक सिद्धांत बनाए हैं जोकि निम्नलिखित है –

#1. गेस्ट ब्लॉग सिद्धांत 1 : विश्लेषण करे

जी हां, गेस्ट ब्लॉगिंग का सबसे प्रथम सिद्धांत होता है अपने कंटेंट का विश्लेषण करना हालांकि यहां पर विश्लेषण एवं संश्लेषण दोनों ही बराबर रूप से प्रयुक्त होने चाहिए।

परंतु हमने टाइटल लिखा है विश्लेषण करना। तो संश्लेषण के स्थान पर केवल विश्लेषण लिखे जाने का कुछ कारण होगा!

ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आप ब्लॉग्गिंग के क्षेत्र में किसी लेख को लिखते हैं तो उसे इस प्रकार से प्रस्तुत किया जाता है कि वह पाठक को सरलता से समझ आ जाए। और विश्लेषण की परिभाषा भी यही कहती है।

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विश्लेषण से अर्थ होता है किसी भी तथ्य का विस्तार पूर्वक वर्णन जबकि संश्लेषण का अर्थ होता है किसी भी तथ्य को एक स्थान पर समेट कर उसका वर्णन करना। तो गेस्ट ब्लॉगिंग में हमें किसी भी तथ्य को विस्तार पूर्वक समझाना होता है और यही गेस्ट ब्लॉगिंग का सबसे पहला सिद्धांत है, जोकि कंटेंट से संबंधित है।

#2. गेस्ट ब्लॉग सिद्धांत 2 : संबंध > बैकलिंक

अगला सिद्धांत कहता है कि जब कभी भी आप गेस्ट ब्लॉगिंग के बाजार पर जाएं तो वहां केवल बैकलिंक के पीछे ना भागे अपितु अपने संबंधों को प्रगाढ़ करने का सोचे।

जब आप केवल बैकलिंक के पीछे भागते हैं तो इससे एक अर्थ स्पष्ट हो जाता है कि आप केवल अपने वेबसाइट के विषय में सोच रहे हैं और अपने डोमेन अथॉरिटी को जल्दी से जल्दी ऊपर बढ़ाना चाहते हैं और आप अपने पाठकों के संदर्भ में कुछ भी नहीं सोच रहे हैं।

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दोस्तों गेस्ट ब्लॉगिंग बैकलिंक पाने से कहीं ज्यादा बढ़कर है। यदि आप वास्तव में गेस्ट ब्लॉगिंग का मर्म समझते हैं तो इसका अर्थ है कि आप बैकलिंक से ज्यादा वरीयता संबंध बनाने पर देंगे अर्थात आप कभी भी गेस्ट ब्लॉगिंग करें तो उनसे बैटरी के विषय में अवश्य पूछे परंतु यदि सामने वाला व्यक्ति बैकलिंक देने का इच्छुक ना हो तो भी से आपको अपने नाम और ऑथर bio के साथ एक आर्टिकल उन्हें गेस्ट ब्लॉग के रूप में प्रेषित करना चाहिए।

क्योंकि ध्यान रखें कि यह एक ऑनलाइन मार्केट है अर्थात यहां संबंध भी ऑनलाइन ही निर्मित होते हैं और ऑनलाइन संबंध का महत्व आज के दिन में ऑफलाइन संबंध से अधिक बढ़ चुका है अतः प्रयास करें कि आप ऑनलाइन अधिक से अधिक लोगों से बेहतर संबंध बना सके।

#3. गेस्ट ब्लॉग सिद्धांत 3 : unique content

ब्लॉगिंग का जो तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है वह यह कि आपके कंटेंट में किसी भी प्रकार की कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि आप एक ब्लॉगर के रूप में एक प्रोफेशनल कार्य कर रहे हैं इसका अर्थ है कि आप इस क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ हैं और किसी दूसरे वेबसाइट को अपने ज्ञान का कौशल प्रस्तुत कर रहे हैं।

तो ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि आपका content unique हो। यूनिक होने से आशा है कि आपका कंटेंट किसी दूसरे वेबसाइट का कॉपी पेस्ट ना हो, साथ ही यह आपके स्वयं के शब्दों में रचे गए हो।

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ध्यान रखे आप अपने कंटेंट के साथ जितनी ज्यादा ईमानदारी प्रस्तुत करेंगे आपका गेस्ट ब्लॉगिंग का कार्य उतना अच्छा रहेगा और यदि आप गेस्ट ब्लॉगर के रूप में सक्सेस हो रहे हैं तो यह आपके वेबसाइट के लिए बहुत अधिक लाभकारी साबित होगा अतः हमेशा अपना प्रयास रखें कि आपका कंटेंट 100% यूनिक और अपने आप में पूर्ण हो।

#4. गेस्ट ब्लॉग सिद्धांत 4 : अपने गेस्ट ब्लॉग का प्रमोशन करे 

अपने गेस्ट ब्लॉग का प्रमोशन? यह क्या होता है? आप जरूर ऐसा ही कुछ सोच रहे होंगे!! परंतु वास्तव में अपने गेस्ट ब्लॉग का प्रमोशन करना आपके वेबसाइट को एक अलग dimension पर ले जाता है।

यहां बहुत से गेस्ट ब्लॉगर होते हैं जो अपना गेस्ट आर्टिकल वेबसाइट को प्रदान कर देते हैं और उन्हें बैकलिंक प्राप्त हो जाता है उसके पश्चात वह guest blogger उस वेबसाइट को पूछता भी नहीं है।

परंतु हमारा सुझाव है कि आप इस सिद्धांत का पालन करें कि जब कभी भी आप किसी वेबसाइट के लिए गेस्ट ब्लॉग्गिंग करें तो यह आपका भी कर्तव्य है कि उस गेस्ट आर्टिकल को आप अपने पाठकों तक प्रमोट करें।

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यहां प्रमोट करने का अर्थ है अपने पाठकों तक उस गेस्ट आर्टिकल के लिंक को भेजना। यह हर तरीके से आपके लिए ही लाभकारी साबित होगा क्योंकि याद रखें कि यह लेख आपने लिखा है और इस पर आपका बैकलिंक भी है तो जितने भी ज्यादा पाठक आपके लेख को पढ़ने के लिए आएंगे आपके वेबसाइट पर बैकलिंक के माध्यम से आने वाली ट्रैफिक की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी।

#5. गेस्ट ब्लॉग सिद्धांत 5 : demand and production की समतुल्यता

डिमांड और प्रोडक्शन एक दूसरे के समानुपाती होते हैं अर्थात जैसी जैसी डिमांड बढ़ती है, बाजार में उसी अनुपात में प्रोडक्शन को भी बढ़ाया जाता है। यह चीज गेस्ट ब्लॉगिंग पर भी लागू होती है और यही हमारी आखिरी सिद्धांत है आइए समझते हैं डिमांड और प्रोडक्शन के समतुल्यता का सिद्धांत क्या है।

तो किसी गेस्ट ब्लॉगर के रूप में आपको किसी एक की वर्ड पर उतने ही कंटेंट प्रस्तुत करने चाहिए जितनी की मांग की गई है उदाहरण के लिए यदि किसी वेबसाइट ने गेस्ट ब्लॉगिंग हेतु केवल 2000 शब्द या उससे अधिक शब्दों के लेख को स्वीकार करने को कहा है तो आपका प्रयास होना चाहिए कि आप अपने लेख को 2000 से 2500 शब्द के मध्य रखें।

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इससे आपके सामने वाले व्यक्ति पर एक अच्छी छवि निर्मित होता है और उन्हें लगता है कि आप उनकी पॉलिसी के अंतर्गत चल रहे हैं। साथ ही यह demand and production का सिद्धांत आपके ब्लॉग के नॉलेज बेस पर भी निर्भर करता है।

ब्लॉग के नॉलेज बेस का मतलब है कि क्या आप अपने कंटेंट पर अनावश्यक चीजें तो नहीं लिख दे रहे हैं अर्थात क्या आप किसी कीवर्ड से बाहर तो नहीं चले जा रहे हैं और यही तो मांग और आपूर्ति का सिद्धांत है।

गेस्ट ब्लॉगिंग के लाभ क्या है? advantages of guest blogging in hindi

गेस्ट ब्लॉग्गिंग से होने वाले लाभ को दो तरीके से  प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमे एक गेस्ट ब्लॉगर को होने  शामिल है तथा दूसरा उस व्यक्ति को जिसने किसी गेस्ट ब्लॉगर को अपने वेबसाइट पर अतिथि लेख लिखने हेतु आमंत्रित किया है इसे संक्षिप्त में होस्ट भी कहा जाता है।

1. गेस्ट ब्लॉगर को होने वाला लाभ.

  1. Backlink मिलता है। (dofollow/nofollow दोनों प्रकार का)
  2. वेबसाइट का SEO होता है।
  3. Domain authority बढ़ती है।
  4. Social media follower बढ़ते है।
  5. सोशल impact अच्छा होता है।
  6. नए पाठको से जुड़ने का अवसर मिलता है।
  7. नए वेबसाइट मालिको से संबंध बनते है।
  8. स्वयं के ज्ञान में वृद्धि होती है।
  9. वेबसाइट को स्थायित्व प्रदान होता है।
  10. ब्रांड वैल्यू बढ़ती है।

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2.  होस्ट को होने वाला लाभ

जैसा कि हमने आपको पर बताया है कि पोस्ट का अर्थ होता है वह व्यक्ति जो गेस्ट ब्लॉगिंग को अपने वेबसाइट पर स्वीकार कर रहा है। अतः इससे उन्हें भी कुछ लाभ मिलते हैं जो कि निम्नलिखित है –

  1. नियमित पाठकों को नए प्रकार का लेख मिलता है।
  2. आपकी वेबसाइट की reputation बढ़ती है।
  3. आपके पास articles की लाइन लग जाती है।
  4. नए व्यक्तियों से संबंध बनाने का अवसर मिलता है।
  5. स्वयं को दूसरा कार्य करने का अवसर मिलता है (जैसे – SEO, ब्लॉग प्रमोशन या backlink निर्मित करना इत्यादि)
  6. सोशल मीडिया पर प्रचार होता है।

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अंतिम शब्द : गेस्ट ब्लॉग क्या होता है?

दोस्तों गेस्ट ब्लॉगिंग एक ऐसा सीढ़ी है जिसे हर ब्लॉगर को एक न एक बार चढ़ना ही पड़ता है। और इसे सीढ़ी कहना ही उचित है क्योंकि इसके सहायता से आप या तो नीचे जा सकते हैं या फिर ऊपर। 

परंतु यदि आपने गेस्ट ब्लॉग्गिंग को सटीक तरीके से किया तो इसकी संभावना अधिक रहती है कि आप ब्लॉगिंग के क्षेत्र में ऊपर की ओर ही जाएंगे।

जब कभी भी आपको गेस्ट ब्लॉगिंग करने का अवसर प्रदान हो तो ऊपर दिए गए सभी कथनों एवं सिद्धांतों को अवश्य लागू करने का प्रयास करें। गेस्ट ब्लॉगिंग में बहुत अधिक मात्रा में शोध करने की आवश्यकता होती है अतः कभी भी शोध करने से घबराएं नहीं क्योंकि यह आपके साथ आपके पाठकों को भी नवीन जानकारी प्रदान करने में सहायता करेगा और साथ ही आपको भी एक विशेषज्ञ बनाने का कार्य करेगा। 

आशा करता हूं आपको यह लेख “गेस्ट ब्लॉगिंग क्या है ?” अच्छा लगा होगा यदि आपके मन में अभी भी गेस्ट ब्लॉगिंग से संबंधित किसी प्रकार का प्रश्न बचा हुआ है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर उस प्रश्न को पूछ सकते हैं हम आपके प्रश्न का उत्तर शीघ्र देने का प्रयास करेंगे, धन्यवाद।।

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